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Amravati

अमरावती में राष्ट्रीय ‘बैलगाड़ी दौड़’ शंकरपट का आयोजन, पहली बार महिलाओं ने भी लिया भाग


अमरावती: अमरावती जिले के तिवसा में दूसरे वर्ष राष्ट्रीय स्तरीय बैलगाड़ी दौड़ का आयोजन किया गया। खास बात यह है कि इस साल महिला किसानों ने भी इस प्रतियोगिता में भाग लिया। कोर्ट द्वारा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद विदर्भ में बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बैलगाड़ी दौड़ की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। विभिन्न राज्यों से तिवसा में किसान इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए। इस वर्ष बैलगाड़ी दौड़ में 300 से अधिक पंजीकरण किए गए हैं।

तिवसा में आयोजित इस बैलगाड़ी रेस में मध्य प्रदेश, हरयाणा और गुजरात से भी बैल जोड़े भाग लेते हैं। इस प्रतियोगिता में सरजा राजा, हिर-रांझा, राम-लखन और कई अन्य बैल जोड़ों  ने भाग लिया। इस बैलगाड़ी दौड़ के अवसर पर तिवसा सहित आसपास के कई गांवों में उत्साह का माहौल देखा जा सकता है। इस साल के आयोजन में मध्य प्रदेश और गुजरात के बैल भी शामिल हैं इसलिए इस शंकर पट को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। दिलचस्प बात यह है कि इस बैलगाड़ी दौड़ में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया है।

भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष रविराज देशमुख ने कहा कि विदर्भ में किसान बेहद संकट में हैं। किसान 12 महीने काम करते हैं। ऐसे में हमने किसानों के लिए खुशी का जश्न मनाने के मकसद से तिवसा में बैलगाड़ी दौड यानि शंकरपट का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि ये शंकरपट किसानों के लिए एक समारोह की तरह है। हमें खुशी है कि तिवसा और आसपास के गांवों के दो लाख से अधिक किसानों ने इस समारोह में भाग लिया।