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Wardha

Panchayat Election: चुनाव प्रचार हुआ समाप्त, कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी


आर्वी: तहसील के 25 ग्रामपचंचायतों के चुनाव होने से राजनितीक माहौल गरमाया हुआ है़  राजनितीक पार्टीयां अपना अस्तित्व सिद्ध करने के लिए भारी जोर लगा रहे है़  जिससे दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। 

तहसील के जिन 25 ग्रामपंचायत के चुनाव होनेवाले है। इन गांवों में राजापुर, निंबोली(शेंडे), वडगांव( पांडे),वाई, बोदड, पाचोड (ठाकुर), चिंचोली (डांगे),बेढोणा,उमरी,सुकली, बाजारवाडा,अंजनगांव,परसोडी, हुसेनपुर, सालधरा, कवाडी, पांधरा बोथली, सहेली, खुबगांव,निजामपुर,सालफल,  पिंपलगांव, तलेगांव र, तरोडा, गुमगांव, पिपरी, भादोड (पुनर्वसन) ऐसे 25 गांव शामिल है। 

तहसील के 25 ग्रामपंचायतों के सरपंच व सदस्य उम्मीदवार प्रचार कर है।  सभी की भेंट भी ले रहे है।  वर्ष 2016-2017 में हुए चुनाव में आर्वी तहसील में दादाराव केचे के मार्गदर्शन में जिला परिषद,पंचायत समिति व आर्वी नगरपालिका में भाजपा ने सत्ता हासिल की थी़  2017 के ग्रामपंचायत के चुनाव में 26 ग्रामपंचायतों में से 50 प्रतिशत ग्रामपंचायत पर भाजप व 50 प्रतिशत काँग्रेस ने सरपंच पद के उम्मीदवार चुनकर लाए व बराबर रहे।  2019 में हुए विधानसभा चुनाव में तत्कालिन विधायक अमर काले ने भाजपा के उम्मीदवार दादाराव केचे ने पराजित कर तहसील में भाजपा का वर्चस्व सिद्ध किया। 

  2022 में स्थानिक स्वराज्य संस्था के चुनाव में ओबीसी आरक्षण व न्यायालयीन प्रक्रिया से चुनाव नही हो सके। परंतु पिछले माह में हुए 7 ग्रामपंचायत के चुनाव में कांग्रेस के 5 सरपंच चुनकर आए व काँग्रेस के पूर्व विधायक अमर काले ने अपना वर्चस्व सिद्ध किया।  पिंपलगांव भोसले ग्रामपंचायत के सरपंच व सदस्य  भाजप के निर्विरोध चुनकर आए। 

तहसील में होनेवाले 25 ग्रामपंचायत के चुनाव में काँग्रेस व भाजप बागी, निर्दलिय, स्थानिक आघाडी के उम्मीदवार अपने अपने प्रचार कार्य में लगे है।  इस ग्रांप चुनाव में निवर्तमान व पूर्व विधायकों का मुकाबला रंग लाएगा।  ऐसा दिख रहा है।