logo_banner
Breaking
  • ⁕ Yavatmal: ACB की बड़ी करवाई, रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में दो धारदार तलवारें लेकर दहशत फैलाने वाले शख्स को पुलिस ने दबोचा ⁕
  • ⁕ Gondia: उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के अस्थि कलश का गोंदिया में भावुक दर्शन, कोरणी घाट पर होगा अस्थि विसर्जन ⁕
  • ⁕ Bhandara:कांग्रेस को झटका, ओबीसी जिलाध्यक्ष शंकर राऊत ने भाजपा में किया प्रवेश ⁕
  • ⁕ Bhandara: किसानों का पटाखा फोड़ आंदोलन, धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग ⁕
  • ⁕ नई दिल्ली में दिवंगत अजित पवार की श्रद्धांजली सभा, सांसद प्रफुल्ल पटेल ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ में जल्दबाजी को लेकर दिया जवाब ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Wardha

Wardha: वर्धा में बम विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत


वर्धा: जिले के देवली तहसील से आ रही एक बड़ी खबर के अनुसार यहां के सोनेगांव आबाजी के सीआईडी ​​कैंप क्षेत्र में एक्सपायर हुए बम ध्वस्त करने का काम शुरू है. जब यह काम चल रहा था तभी बम का पीतल इकट्ठा करने गए एक शख्स की बम फटने से मौत हो गई. मृतक की पहचान सोनेगांव के योगेश केशव नेहरकर के रूप में हुई है. 

 

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय संरक्षण मंत्रालय पुलगाव के दारू गोला भंडार में पुराने एक्सपायर बम डिस्पोज करने का काम शुरू है डिस्पोज बम के धातू के तुकडे उठाते वक्त योगेश केशवराव नेहरकर (26) किसान मजदूर की मौत हो गई है. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए वर्धा जिला सामान्य अस्पताल भेज दिया गया है. 

 

यहां एक्सपायर बम डिस्पोस करने का काम बीते कुछ दिनों से शुरू है. देवली तहसील के सोनेगांव आबाजी के केळापूर जामनी के कामगार किसान मजदूर इस काम के लिए जाते हैं. बम डिस्पोज करने के लिए एक बडा गड्ढा किया जाता है और उस गड्डे मे बम को रख कर विस्फोट कर दिया जाता है. ऐसे वह एक्सपायर बारूद भरा गोला डिस्पोस  हो जाता है. 

 

विस्फोट होने के बाद पीतल के तुकडे डिस्पोज एरिया के बहार गिरते हैं जिसमें जस्त, लोहा, पितल और अन्य स्वरूप के धातू होते हैं. इन धातुओं की बाजार में अच्छी कीमत मिलती है इसलिए स्थानीय कामगार उन्हें उठाने के लिए तैयार रहते हैं. इसी के चलते ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और कई लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं.