logo_banner
Breaking
  • ⁕ 2013 यौन उत्पीड़न मामला: तरुण तेजपाल दोषी करार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर महापालिका में बदलते सियासी समीकरण, मुनगंटीवार समर्थक महापौर को वडेट्टीवार खेमे का सहारा ⁕
  • ⁕ 7 करोड़ 68 लाख की ठगी का पर्दाफाश, महिलाओं को कर्ज का झांसा देकर करोड़ों का खेल; मास्टरमाइंड मंदा गुमगावकर गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ एलोपैथी अभ्यास की अनुमति के खिलाफ डॉक्टरों का आंदोलन, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रही है सरकार ⁕
  • ⁕ यातायात पुलिस का 'गांधीगिरी' पैटर्न! अकोला में हेलमेट पहनने वालों का गुलाब देकर स्वागत, तो नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई ⁕
  • ⁕ नागपुर में SIR अभियान से हड़कंप, मतदाता सूची से हटने जा रहे करीब 6 लाख नाम! ⁕
  • ⁕ रामटेक में हिट एंड रन, तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर; नवविवाहित युवक की मौत, दूसरा गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Wardha

Wardha: एक हफ्ते में 27 जानवरों की मौत, नहीं समाप्त हो रहा महामारी का प्रकोप


वर्धा: जिले में लम्पी महामारी लगातार जारी है। इसी बीच एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिसके तहत जिले में पिछले एक हफ़्ते में 27 गौवंश की मृत्यु हो गई है। वहीं इसको लेकर जूनियर अधिकारी बड़े अधिकारीयों को जिम्मेदार बता रहे हैं। 

'लम्पी' की महामारी सभी आठ तहसीलों में फैल गई है। आर्वी, आष्टी और करंजा तहसील सबसे अधिक प्रभावित हैं। अकेले आष्टी तहसील में 38 जानवरों की मौत हो गई। इसके लिए प्रशासन के लापरवाह रवैये को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। तथ्य का खुलासा नहीं होने पर जिले के छह पशु चिकित्सा अधिकारियों को बुलढाणा भेजा गया। 

उपायुक्त पशुपालन व जिला पशुपालन अधिकारी नागपुर से आते-जाते हैं तो सारा मामला जूनियरों के हाथ में है। आष्टी के लिए जिला परिषद द्वारा उपलब्ध कराया गया एक वाहन मुख्यालय की सेवा में लगा दिया गया। तहसील अधिकारी वरिष्ठता का प्रमाण पत्र देता है।

 पशुपालन किसानों ने शिकायत की है कि पशु चिकित्सा अधिकारी गंभीर नहीं हैं। यह यहां पड़ोसी अमरावती और नागपुर जिलों से फैल रहा है। तुलना करके बहुत गंभीर स्थिति नहीं है। हालांकि यह सच है कि अधिकारी कम हैं, लेकिन ध्यान रखा जा रहा है।