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Wardha

Wardha: आंदोलन करना पीएचडी छात्रों को पड़ा भारी, विश्वविद्यालय प्रशासन ने किया निलंबित


वर्धा: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में नियमों को तोड़ने के आरोप में दो पीएचडी छात्रों को निलबित कर दिया। निलंबित छात्रों का नाम राजेश सारथी और योगेश जांगिड़ है। विश्वविद्यालय के इस कार्रवाई पर निलबित छात्रों ने विरोध जताया। उन्होंने प्रशासन पर बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया। 

निलंबन पर योगेश जांगिड़ ने  कहा, “विरोध प्रदर्शन जूनियर सेक्शन के छात्रों ने किया था। ऐसे निर्देश विश्वविद्यालय प्रशासन को दिये गये हैं। हमने छात्र नेता के रूप में भाग लिया। सुबह ग्यारह बजे एक को बुलाया गया और कहा गया कि इस आंदोलन में भाग न लें। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बात नहीं सुनी गई और निलंबन की कार्रवाई की गई।"

वहीं निलंबित छात्रों के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कुलपति रजनीश कुमार ने कहा कि, “यह आरोप गलत है। उनके विभिन्न कुकर्मों की जाँच समिति गठित की गई। कमेटी ने कार्रवाई की अनुशंसा की। इसे लागू किया गया। इसके साथ आंदोलन को जोड़ने का कोई कारण नहीं है।”