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जिले में फैलता जा रहा लम्पी का कहर, कई जानवर संक्रमित; किसानों में भय का माहौल


वाशिम: लम्पी संक्रमण का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले के अंदर हजारोकी संख्या में जानवर इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। जिले के वाकाड क्षेत्र में हालात बिगड़ गए हैं।  की संख्या में जनवरी इस जानलेवा बीमारी का शिकार हो चुके हैं। जिसमें एक बैल की मौत  भी हो गई है। जिसके कारण पशुपालकों में दहशत फैल गई है। पशुपालकों ने पशु कल्याण विभाग से ढेलेदार रोग के खिलाफ प्रभावी उपाय की मांग की है।

गांठदार संक्रामक रोग


विनोद वानखेड़े ने कहा, "वाकाड क्षेत्र में 24 जानवर गांठदार रोग से संक्रमित पाए गए। इनमें से एक बैल की मौत हो गई है। चूंकि गांठदार रोग संक्रामक है, इसलिए पशुपालकों को प्रभावित पशुओं को अलग-थलग करना चाहिए। गौशाला की साफ-सफाई, पशुओं की साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। जिला पशुपालन अधिकारी विनोद वानखेड़े ने आवश्यक छिड़काव करने की अपील की। पशुपालन विभाग कदम उठाने को तैयार है, इसलिए पशुपालन को घबराना नहीं चाहिए। ।

 जलगांव से शुरू हुआ संक्रमण

 
इस बीमारी का असर प्रदेश के 13 जिलों में देखा जा सकता है। संक्रमण की शुरुआत जलगांव जिले में हुई थी। यह अन्य जिलों में भी फैल रहा है, टीकाकरण की दवा देरी से पहुंची। इससे लम्पी रोग बढ़ने का खतरा रहता है। राज्य के पशु चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है। राज्य में टीकाकरण किया जा रहा है। फिर भी, पशुपालन विभाग को लम्पी को नियंत्रण में लाने के लिए कॉल का सामना करना पड़ रहा है।