logo_banner
Breaking
  • ⁕ 22 जुलाई को किसान कर्ज माफ़ी की पहली सूची होगी जारी; मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी जानकारी ⁕
  • ⁕ 'लोकतंत्र में आंदोलन का अधिकार, लेकिन जिम्मेदारी भी जरूरी; सीजेपी प्रोटेस्ट पर फडणवीस बोले- कुछ लोग अलग एजेंडे के साथ आंदोलन में शामिल हुए ⁕
  • ⁕ 'जनाब उद्धव ठाकरे' को अब याद आए रामलल्ला! पार्टी बचाने के लिए कर रहे 'रामरक्षा': नवनीत राणा का करारा हमला ⁕
  • ⁕ Chandrapur: नशे का कारोबार किया तो पूरी संपत्ति होगी सील, ड्रग तस्करी में शामिल पान दुकान पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Nagpur: व्हाट्सऐप पर मुनाफे का झांसा.., ई-कॉमर्स निवेश के नाम पर 4.45 लाख की साइबर ठगी ⁕
  • ⁕ Gondia: दासगांव में बड़ा हादसा: तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप ने 3 साल की बच्ची को कुचला, मौके पर ही मौत ⁕
  • ⁕ MPSC परीक्षाओं पर बड़ा फैसला: ऑनलाइन परीक्षा अगस्त 2027 तक टली, तब तक ऑफलाइन ही होंगी सभी परीक्षाएं ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Washim

भैस ने चारे के साथ खाया साढ़े तीन तोले की चेन, मालिक ने फिर किया कुछ ऐसा देख सभी चौंके


वाशिम: जिले के मंगरुलपीर तहसील में एक बड़ी हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक भैस ने चारे के साथ साढ़े तीन तोले की चेन खा ली। जैसे यह बात भैंस के मालिक को पता चली तो वह उसे लेकर जिला वेटनरी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने ऑपरेशन कर भैस के पेट से सोने की चेन निकाली गई। 

ठण्ड का मौसम पास आते ही मटर का उत्पादन शुरू हो गया है। घरों की महिलाएं खेतो से फल्लियाँ तोड़कर लाना शुरू कर दिया है। मंगरुलपीर तहसील में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला खेतो से फल्ली तोड़कर लाई। इसके बाद उसके छिलके थाली में निकालकर भैस के सामने डाल दी। हालांकि, महिला भूल गई की उन्होंने अपना साढ़े तीन तोले का चेन थाली में ही भूल गई। जैसे ही उन्हें याद आया वह तुरंत तबेले में गई, लेकिन तब तक भैस ने चेन सहित पूरी फल्लियाँ खा ली थी। 

इसके बाद भैस के मालिकों ने उन्होंने तुरंत पास के डॉक्टर ज्ञानेश्वर इधोले को इसकी जानकारी दी। उन्होंने तुरंत वरिष्ठ डॉक्टर से संपर्क किया और भैंस को वाशिम के पशु अस्पताल ले गए। मेटल डिटेक्शन से इस बात की पुष्टि हो गई कि भैंस के पेट में कुछ है, जिसके बाद डॉ. बालासाहेब कौंडिन्य और उनके सहयोगियों ने भैंस की सोनोग्राफी करके भैंस की सफल सर्जरी की और उसके पेट से सोने की बनावट निकाल दी. यह देखकर परिजनों और डॉक्टरों ने राहत की सांस ली।