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सावरकर जी और भगवान बिरसा मुंडा में यही फ़र्क है.. मुंडा अंग्रेजों के ख़िलाफ़ लड़े और सावरकर साथ


वाशिम: भारत जोड़ों यात्रा के साथ वाशिम पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आदिवासी समुदाय के प्रतिनधियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर किया गया था. अपने भाषण में राहुल ने सावरकर और बिरसा मुंडा की तुलना की और कहा की आदिवासियों के भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी जबकि सावरकर जी ने अंग्रेजों के साथ, राहुल ने कहां की सावरकर ने जेल से चिठ्ठी लिखी जिसके बाद जब वह जेल से निकले तब जाकर असली सावरकर दिखाई दिए.
 
सावरकर जी से अंग्रेजों ने जो कहा उन्होंने वैसा ही किया। उन्होंने अंग्रेजों से पेंशन ली और कांग्रेस के ख़िलाफ़ अंग्रेजों के साथ काम किया। राहुल ने कहा मैं आपसे आदिवासी भाइयों से कहता हूँ हमें सावरकर के रास्ते पर नहीं बल्कि भगवान बिरसा मुंडा के बताये मार्ग पर चलना है.

 
आप आदिवासी है और आदिवासी ही रहना,भाजपा आप को वनवासी बनाना चाहती है 
अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा की हिंदुस्तान आदिवासियों का है.जिस भूमि को हम भारत माता कहते है वहाँ सबसे पहले आदिवासी आये थे.इसलिए हिंदुस्तान का ओरिजनल मालिक आदिवासी है.आदिवासियों को मजबूत करने के लिए और जंगल में उनका अधिकार बरक़रार रखने के लिए कांग्रेस सरकार ने पेसा और फारेस्ट राइट एक्ट लायी थी.
 
लेकिन अब बीजेपी आप को आदिवासी से वनवासी बनाना चाहती है इसके पीछे उनका मकसद है की आप तमाम आधुनिक चीजों को छोड़कर जंगल में जाकर रहे.आज से 20-20-50 साल बाद जब जंगल समाप्त हो जायेंगे तब आदिवासी भी नहीं रहेंगे। भाजपा 24 घंटे संविधान पर हमला कर रही है.