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Washim: आखिर ख़त्म हुई अदालती लड़ाई, 42 साल बाद खुले मंदिर के दरवाजे


वाशिम: जिले के शिरपुर जैन स्थित अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर जैनियों की काशी के रूप में विश्व विख्यात संस्था है। लेकिन 1981 से मंदिर के स्वामित्व को लेकर दिगंबर और श्वेतांबर समुदायों के बीच विवाद के कारण मंदिर पर ताला लगा हुआ था। हालांकि 22 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंदिर में लगे पार्श्वनाथ की मूर्ति पर ताला खोलने का आदेश दिया था, जिसका दोनों गुटों ने स्वागत किया। इसके बाद  11 मार्च को इस मंदिर के कपाट खोले गए।

जिला पुलिस अधीक्षक बच्चन सिंह द्वारा साकरचंद शाह को मंदिर की चाबी सौंपे जाने के बाद पुलिस और मंदिर के ट्रस्टियों ने मंदिर के कपाट खोले। 42 साल बाद मंदिर खुलने से अब मूर्ति की पेंटिंग की प्रक्रिया पूरी होगी और श्रद्धालु पूजा कर सकेंगे।  इसलिए समाज के सदस्यों में संतोष का माहौल है।

इसके चलते संस्थान पर ताला लगा रहा

शिरपुर जैन में विश्व प्रसिद्ध अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर है। इस मंदिर को लेकर दिगंबर जैन और श्वेतांबर जैन संप्रदायों के बीच विवाद था। नतीजतन, इस मंदिर को 22 अप्रैल 1981 को बंद कर दिया गया था। भक्तों को एक छोटी सी खिड़की से दर्शन लेने पड़ते थे। अदालती लड़ाई चल रही थी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। आखिरकार 22 फरवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर के कपाट खोलने और मूर्ति पर रंग लगाने का आदेश दिया।