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Washim: शिरपुर पहुंचे मंत्री मंगल प्रताप लोढ़ा, दोनों समुदाय से शांति बनाए रखने की अपील


वाशिम: देश में जैन समुदाय की पालना के रूप में प्रसिद्ध जिले के शिरपुर जैन में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति को रंगने और मंदिर में बाउंसर रखने को लेकर दिगंबर और श्वेतांबर दो संप्रदायों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारापीटी भी हुई, हालांकि, 20 मार्च को दोनों संप्रदायों के बीच सुलह हो गई। इसी पृष्ठभूमि में पर्यटन मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने मंगलवार 21 मार्च को शिरपुर का दौरा किया। उन्होंने भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन किए और दोनों संप्रदायों से शांति की अपील की।

शिरपुर में पिछले तीन-चार दिनों से जैन समुदाय के दो धड़ों में कहासुनी हो गई थी और मामला मारपीट में बदल गया था। इस मामले में कई मामले दर्ज किए गए थे। 20 मार्च को जिला प्रशासन और पुलिस ने दोनों संप्रदायों के बीच सुलह करा दी। 23 मार्च से भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा पर रंग रोगन करने का निर्णय लिया गया है।

साथ ही पुलिस सुरक्षा में मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। लोढ़ा ने भविष्य में विवादों से बचने के लिए आज 21 मार्च को शिरपुर जैन का दौरा किया। दोनों संप्रदायों ने एक साथ आकर शांति का आह्वान किया है। इस समय उन्हें भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन हुए। इस अवसर पर जिला प्रशासन, पुलिस के अधिकारी एवं संस्थान के सदस्य उपस्थित थे।

मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास करें

शिरपुर में जैन मंदिर बहुत प्राचीन और प्रसिद्ध है। हालांकि, यहां सड़क, नालियां और बुनियादी ढांचे का अभाव है। लोढ़ा से जब इस बारे में पूछा गया तो जिला योजना समिति के माध्यम से 4 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण मंत्री को खराब सड़क की जानकारी देकर अधोसंरचना सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे.