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Yavatmal: महागांव तहसील में 21वीं पशुगणना शुरू, अधिकारियों की हुई नियुक्ति, पशुओं की टैगिंग कराने की अपील


यवतमाल: पशुपालन विभाग के माध्यम से महागांव तहसील में घरेलू और आवारा पशुओं की गणना का काम शुरू हो गया है और यह काम 28 फरवरी तक जारी रहेगा. इसके लिए पशुपालन विभाग की ओर से 21 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है. हर पांच साल में होने वाली पशुधन गणना इस साल ऑनलाइन की जाएगी. इसके लिए पशुपालन विभाग ने अधिकारियों और निजी पशुधन सेवा प्रदाताओं को नियुक्त किया है. 

महागांव तहसील में 18 गणनाएं की गई हैं. जिला पशुपालन डॉ विजय रहाटे के मार्गदर्शन में जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. क्रांति कटोले, पशुधन विकास अधिकारी (विस्तार) डॉ. दिनेश पवार और पशुधन विकास अधिकारी डॉ. अमित कुमार झा इस पशुगणना के कार्य की निगरानी करेंगे.

पशुधन गणना कार्य के लिए महागांव तहसील के 112 गांवों के लिए 21 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। फिलहाल तहसील के 70 फीसदी गांवों में पशु गणना का काम पूरा हो चुका है. इस वर्ष की पशु गणना पशुओं के ईयर टैग के आधार पर की जाएगी, इसलिए पशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से अपनी गाय और भैंसों को पशु चिकित्सालय के माध्यम से टैग कराने की अपील की है. ताकि जब पशु गणना कर्मचारी जानकारी लेने पहुंचे तो सभी पशुपालकों ने कर्मचारियों को सही जानकारी दे पाएं। 

इस वर्ष पशु गणना में पशुपालन के उपकरण जैसे गोबर, दूध देने वाली मशीन, चारा कंपनी की मशीन की भी गणना की जाएगी। गांव में आवारा कुत्तों और आवारा पशुओं की भी गिनती की जाएगी। इसके साथ ही इलाके में मौजूद मुर्गियां और पोल्ट्री शेड की गिनती की जाएगी.

यह पशुगणना महत्वपूर्ण होने वाली है क्योंकि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए आवश्यक जानकारी इस पशुगणना से प्राप्त होगी. पशुधन गणना की मदद से विभाग को घरेलू पशुओं की संख्या और उनके दूध उत्पादन के प्रकार की जानकारी प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी.