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Yavatmal

यवतमाल में दंपत्ति द्वारा किसानों के लिए बनाई गई कंपनी ग्रामहित फोर्ब्स की सूची में शामिल


यवतमाल: यवतमाल जिला, किसान आत्महत्याओं के लिए कुख़्यात है. यहाँ लगातार होने वाली भूमि पुत्रो की आत्महत्या वैश्विक स्तर पर चर्चा में रहती है.किसान कई तरह के संकटों से जूझ रहा है ऐसे में एक संस्था किसानों के बीच आशा की किरण बनकर उभरी है. जिले की आर्णी तहसील में पंकज महले और श्वेता ठाकरे ने ग्रामहित नाम से एक कंपनी शुरू की है जो किसानों द्वारा उत्पादित सामग्री और अनाज को सीधे फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुँचाती है वह भी अच्छे दाम में,खास है की फोर्ब्स द्वारा एशिया के प्रमुख सामाजिक उद्यमियों में से एक के रूप में ग्रामहित को चुना गया है.

 किसी कंपनी का फोर्ब्स की सूची में शामिल होना एक बहुत ही कठिन प्रक्रिया है। फोर्ब्स इस चयन के मौके पर ऐसी कंपनियों के प्रदर्शन को दुनिया के सामने पेश कर नए सामाजिक उद्यमियों को प्रोत्साहित करता है। इस साल इस चयन प्रक्रिया में 650 कंपनियों ने हिस्सा लिया। पंकज महले, श्वेता ठाकरे एक उच्च शिक्षित किसान दंपत्ति हैं, जो 'ग्रामहित' के संस्थापक निदेशक हैं, ये  कंपनी किसानों को कृषि उपज के भंडारण और बिक्री का एक वैज्ञानिक और आधुनिक तरीका उपलब्ध कराती है.


 कृषि उपज की बिक्री एक जटिल प्रक्रिया के चक्रव्यूह में फंसी हुई है। अधिकांश किसान विभिन्न कारणों से अपना बेहद सस्ते में बेच देते है.इसका सीधा फायदा  स्वाभाविक रूप से व्यापारियों को होता है व्यापारी की किसानों द्वारा उत्पादित माल की दर तय करते है. ग्रामहित न केवल किसानों को परामर्श देती है बल्कि उन्हें न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण की व्यवस्था, उपलब्ध कराती है.अब तक कंपनी का सीधा लाभ 3 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके है.


 पंकज ने स्थानीय सावित्री ज्योतिराव कॉलेज ऑफ सोशल वर्क से बीएसडब्ल्यू पूरा किया, उसके बाद कृषि क्षेत्र में काम करने का अनुभव लिया और फिर टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई से सामाजिक कार्य में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने आईआईटी हैदराबाद से अपनी मास्टर डिग्री पूरी की। पंकज के मुताबिक उनके पिता एक किसान थे. इसलिए वे हमेशा उनकी मेहनत को देखते हुए बड़े हुए। वह हमेशा चाहते थे कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिले। ऐसा हो नहीं रहा था इसलिए उन्होंने अपने पिता की तरह अन्य किसानों की मदत के लिए अपनी पत्नी के साथ नौकरी छोड़कर गांव आ गए और  किसानों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए, ग्रामहित ने एक ग्राम विकास कंपनी की स्थापना की। पंकज के मुताबिक अगर किसान का उत्पादन खर्च कम होगा तो किसानों की आय बढ़ेगी और आत्महत्याएं भी रुकेंगी।