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Yavatmal

Yavatmal: आत्महत्या ग्रस्त यवतमाल जिले के एक युवक ने बनाई स्वचालित हाइड्रोलिक कार


यवतमाल: यवतमाल जिला  किसानों की आत्महत्या के लिए कुख़्यात है. यहा आये दिन किसानों की आत्महत्या से जुडी कोई न कोई नकारात्मक ख़बर आती रहती है लेकिन यही से एक सकारात्मक ख़बर निकल कर सामने आयी है जिले के एक किसान के बेटे ने  तकनिकी ज्ञान और कल्पना के माध्यम से एक स्वचालित हाइड्रोलिक कार बनाई जिसकी खासियत है की इसके माध्यम से मात्र 150 रुपये में 250 किलोमीटर का सफर तय किया जा सकता है।

महंगाई चरम पर है लेकिन कार का मोह मौजूदा समय में कोई छोड़ नहीं सकता है इसलिए वाहन वाहनों की संख्या  सड़क पर रोजाना बढ़ ही रही है.ऐसे में यह स्वचालित हाइड्रोलिक कार मंहगाई से निपटने का बेहतर विकल्प साबित हो सकती है.जिले के वाणी निवासी हर्षल नक्शाने नामक युवक ने प्रदूषण मुक्त ऑटोमेटिक कार बनाई। जिसमे उनके एक अन्य दोस्त कुणाल असुतकर ने उसकी मदत की,एमटेक की पढाई कर चुके हर्शल का सपना है भारत कार के निर्माण में स्वावलंबी बने.

हर्शल के मुताबिक वो एक ऐसी कार बनाना चाहते थे जो  सस्ती कीमत पर हरित हाइड्रोजन ऊर्जा का उपयोग पर चले जिसमे दुर्घटनाओं और मानवीय त्रुटि को कम करने की ख़ूबी भी हो.अपने सपने को आयाम देते हुए हर्षल ने एक कंपनी भी बनाई जिसके तहत अपने बचपन के दोस्त कुणाल असुतकर के साथ मिलकर कुछ दिन पहले ही इस कार को पूरी तरह से तैयार किये जाने में उसे सफलता मिली है.

ऑटोमेटेड मोड़ तकनीक से तैयार की गयी यह कार हाइड्रोजन गैस से चलती है। जो एक लीटर हाइड्रोजन जिसकी (कीमत 150 रुपये) पर होती है 250 किलोमीटर का माइलेज देती है.कार में इस्तेमाल होने वाले  शीशे और टायर को अहमदाबाद से ख़रीदा गया है.हर्शल के मुताबिक इस कार को फ़िलहाल उन्होंने प्रायोगिक तौर पर बनाया गया है। जिसके लिए उन्हें  करीब 25 लाख रुपये खर्च आया.