logo_banner
Breaking
  • ⁕ TCS नासिक केस में बड़ा खुलासा: चार्जशीट में जाकिर नाइक का नाम, 'इस्लाम ऐप' और ऑफिस की पैंट्री में अश्लील हरकत ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर के कैंसर अस्पताल से फिरौती की मांग; "1.23456 बिटकॉइन दो, वरना डेटा गया" ⁕
  • ⁕ अंबाझरी में दिनदहाड़े 7.30 लाख की लूट, मनी एक्सचेंज कंपनी के मैनेजर पर मिर्च पाउडर फेंककर चाकू से हमला... ⁕
  • ⁕ Nagpur: फेसबुक पर फर्नीचर खरीदने के नाम पर छात्रा से हुई 1 लाख 32 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी ⁕
  • ⁕ MLC Election: नामांकन वापस लेना शैलेश अग्रवाल और साहेबराव कांबले को पड़ा भारी, कांग्रेस ने दोनों नेताओं को पार्टी से किया निष्काषित ⁕
  • ⁕ विदर्भ में मौसम का यू-टर्न: अमरावती, वर्धा और चंद्रपुर समेत कई जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट'; 40km की रफ्तार से आंधी और भारी बारिश की चेतावनी ⁕
  • ⁕ PF ब्याज पर बड़ा अपडेट: 'घोषणा' से 'जेब' तक का सफर; जानें जून-जुलाई में आपके खाते में क्या होने वाला है! ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Yavatmal

Yavatmal: पालकमंत्री के अभाव में रुका जिले का विकास, नागरिक विभिन्न समस्याओं से परेशान


यवतमाल: जिला नियोजन समिति के माध्यम से जिले में विभिन्न विकास कार्य किया जाता है। हालांकि सत्ता परिवर्तन के चलते वार्षिक निधि पर स्थगनादेश दिया गया है, वहीं नए प्रस्तावित काम भी रोके गए हैं। परिणामस्वरुप जिले का 467 करोड़ रुपए का विकास प्रारूप केवल कागजों पर ही सिमट गए हैं। पालकमंत्री के अभाव में नियोजन समिति अस्तित्व में नहीं है, जिसके चलते यह समस्या पैदा हुई है।

अभी कैबिनेट में शामिल संदीपान भुमरे जब पालकमंत्री थे, तब उन्होंने महाविकास आघाडी सरकार के कार्यकाल में 467 करोड़ का विकास प्रारूप तैयार किया था। अब नई सरकार ने यह प्रारुप स्थगित कर दिया। इसमें 102 करोड़ अनुसूचित जनजाति तथा 82 करोड़ रुपए का अनुसूचित जाति के लिए प्रावधान किया गया था।

सरकार परिवर्तन से कई काम स्थगित हुए हैं। इनमें जिला नियोजन समिति के प्रस्तावित कामों का भी समावेश है। दो माह बीतने के बावजूद काम शुरू नहीं हुए हैं। जिला नियोजन समिति में प्रस्तावित आदिवासी विकास प्रकल्प के भी 120 करोड़ रुपए के काम रोक दिए गए हैं।

सत्ता पक्ष और विपक्ष ने पालकमंत्री बनाने की मांग 


भाजपा जिला अध्यक्ष नितिन मुतड़ा ने कहा कि जिले में पालकमंत्री की आवश्यक है। मुख्यमंत्री को शीघ्र फैसला लेना चाहिए, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। शिवसेना जिलाध्यक्ष राजेंद्र गायकवाड़ ने कहा कि कमीशन पर नजर होने से प्रस्तावित कामों पर रोक लगाई गई। कांग्रेस के प्रफुल्ल मानकर ने कहा कि सरकार में निर्णय क्षमता ही नहीं। मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं, पालकमंत्री नहीं और सरकार केवल घोषणाएं कर रही है। राकांपा जिलाध्यक्ष बालासाहब कामारकर ने कहा कि नियोजन समिति की निधि नहीं होने से सभी काम लंबित हैं, जिससे जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें: