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Yavatmal

Yavatmal: फसल बीमा कंपनी की लापरवाही


वणी: बीते चार_पांच वर्षो से किसान विभिन्न प्राकृतिक आपदाओ का सामना कर रहा है. आर्थिक दिक्कत बनी हुई है. इसी बीच फसल बीमा कंपनी व्दारा किसानो के जख्मो को कुरदने का काम किया जा रहा है. अँग्रीकल्चर इन्शुरन्स कंपनी व्दारा किसानो के खाते मे फसल बीमा को लेकर मुआवजे की रकम जमा की जाती है. लेकिन किसानो का मखौल उडाया जा रहा है. 

वणी तहसील के एक  भी किसान के खाते मे कंपनी व्दारा  पैसे जमा नही किए गए है. यह फसल बीमे की रकम कंपनी को वापस लौटाने का संकल्प किसान ने किया है. काफी बिकट स्थिति मे रकम जमा बीमा कराया गया था. लेकिन उक्त घटना से किसान आक्रामक हो गए है. किसानो ने जो भी रकम फसल बीमे के लिए दी है वही रकम लौटाने की मांग पूर्व जि.प. सदस्य विजय पिदुरकर ने की है.

इस बार अतिवृष्टि तथा लौटती बारिश के कारण फसलो का बडे पैमाने पर नुकसान हुआ. तहसील मे अधिकतर परिसर अतिवृष्टि की चपेट मे आए थे. जिसके कारण सोयाबीन, कपास,तुअर,ज्वार आदि फसलो का नुकसान हुआ है. जिले मे नुकसान के मुआवजे स्वरूप किसानो को मदद मिली. लेकिन जिन किसानो ने फसल बीमे की रकम अदा की है. उन्हे मुआवजा मिलना चाहिए. लेकिन किसानो को इसके लिए ज्ञापन देकर मांग करनी पड रही है. इसका उपयोग भी हुआ किंतु फसल बीमे का मुआवजा केवल 90  रूपय रकम जमा की गई. यह किसानो का मजाक उडाने जैसा ही है. शुक्रवार को वणी तहसील के एक किसान के खाते मे केवल 90 रूपए कंपनी व्दारा जमा किए गए. मुआवजा काफी कम मिलने से किसानो मे असंतोष है.

14  हजार किसानो ने राशि का किया भुगतान

तहसील मे इस बार खरीफ मौसम मे अँग्रीकल्चर इन्शुरन्स कंपनी की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत करीब 14 हजार  किसानो ने बीमा कराया.  लाखो रूपए रकम का भुगतान भी किया था. बीमे के माध्यम से  हजारो हेक्टेयर फसल का क्षेत्र सुरक्षित किया गया था. लेकिन मुआवजे देने की बारी आई तो कंपनी लापरवाही बरत रही है.