logo_banner
Breaking
  • ⁕ जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए 5 फरवरी को होगा का मतदान, 7 को मतगणना, दो चरणों में होगा चुनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Yavatmal

यवतमाल में शरद पवार की पार्टी को मिला झटका, पूर्व विधायक बाजोरिया ने शरद पवार की एनसीपी को कहा 'राम-राम'


यवतमाल: स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति और अघाड़ी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के बीच, पूर्व विधायक संदीप बाजोरिया ने शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 'करारा झटका' दिया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह पार्टी छोड़ रहे हैं और फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हो रहे हैं।

पूर्व विधायक संदीप बाजोरिया और उनकी सख्त कार्यशैली राजनीतिक गलियारों में हमेशा चर्चा का विषय रहती है। हालाँकि उन्हें 'मुंहफट' के रूप में जाना जाता है, फिर भी उन्हें 'सच' बोलने वाले व्यक्ति के रूप में देखा जाता है। इसी सिलसिले में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की ओर से हर बार सिर्फ़ आश्वासन ही दिए गए। हालांकि, कोई ज़िम्मेदारी नहीं दी गई। 

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद पवार की राष्ट्रवादी पार्टी से इस्तीफ़ा देने की घोषणा करते हुए कहा कि यहाँ काम करने का कोई मौका नहीं है और ऐसी पार्टी में रहने का उनका कोई इरादा नहीं है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार उन्हें राजनीति में लाए थे।

उन्हें इस पार्टी के एक बड़े नेता के रूप में देखा जाता था। बाजोरिया ने चुनाव प्रचार के बीच में ही इस्तीफा दे दिया है, इसलिए स्थानीय निकाय चुनावों में राजनीतिक दल का 'गणित' बिगड़ने की संभावना है। इसके अलावा, उन्होंने यवतमाल के विधायक बालासाहेब मांगुलकर पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अब तक गठबंधन का धर्म निभाया है। उन्होंने पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष प्रवीण देशमुख और राकांपा के वसंत घुईखेड़कर पर भी कटाक्ष किया। उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाजोरिया ने जिला बैंक में पदों की भर्ती की भी आलोचना की।