logo_banner
Breaking
  • ⁕ पुणे के हिंजेवाड़ी शिवाजीनगर मेट्रो की तीन-लेन लाइन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ कलमेश्वर एमआईडीसी की केमफील्ड कंपनी में स्टीम बॉयलर फटने से जोरदार धमाका, बॉयलर विस्फोट में तीन मजदूर मामूली घायल ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में फिर बदलेगा मौसम, विदर्भ के 6 जिलों में येलो अलर्ट, बारिश की जताई संभावना ⁕
  • ⁕ अमरावती को मिली बड़ी सौगात! एयर इंडिया फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी को DGCA की मंजूरी, जल्द शुरू होगी पायलटों की ट्रेनिंग ⁕
  • ⁕ स्टार एअर की पुणे-नागपुर विमान सेवा बंद, दिवाली से पहले विमान सेवा बंद होने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी ⁕
  • ⁕ Chandrapur: इरई बांध में 68 प्रतिशत जल भंडार शेष, "न करें पानी की कटौती", किशोर जोरगेवार की मांग ⁕
  • ⁕ किसानों की आत्महत्या पर प्रकाश आंबेडकर का विवादित बयान, बोले- पहले 10 नेताओं को मारो, फिर मरो! ⁕
  • ⁕ नागपुर अधिवेशन के खर्च में ₹42 करोड़ की बढ़ोतरी, खर्च ₹86.90 करोड़ से बढ़कर ₹129.05 करोड़ रुपये ⁕
  • ⁕ लाडकी बहनों को ₹3,000 रुपये का इंतजार, सितंबर-अक्टूबर की किस्त अटकी! ⁕
  • ⁕ Yavatmal: दिग्रस में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप, तीन लोगों पर मामला दर्ज ⁕
Akola

Akola: जिले में खसरे समान बुखार के 16 मरीज! सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए


अकोला: जिले में खसरे जैसे बुखार के 16 मरीज मिले हैं और उनके सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. पश्चिमी महाराष्ट्र के कुछ शहरों में खसरे के मरीज मिलने से अन्य कई जगहों की स्वास्थ्य व्यवस्था अलर्ट हो गई है. इसे देखते हुए अकोला जिले में भी इस संबंध में सतर्कता बरती जा रही है.

खसरे के टीकाकरण को लेकर सतर्क रहें

खसरे के संदर्भ में जिला शल्य चिकित्सक डा.तरंगतुषार वारे से पूछने पर उन्होंने बताया कि, बच्चों को सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर पर दाने होने पर माता-पिता सतर्क हो जाएं. निजी के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों में भी इलाज लिया जा सकता है. इसी तरह खसरे के टीके को लेकर भी सावधान रहें. खसरे पहली खुराक 15 से 18 महीने के बच्चों को दी जाती है और दूसरी खुराक बच्चों के स्कूल जाने पर दी जाती है. बच्चों को खसरे का टीका अवश्य लगवाना चाहिए. क्योंकि खसरा बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी हो सकता है. फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में 10 और शहरी क्षेत्रों में 6 संदिग्ध मरीज मिले हैं.

संदिग्ध के सैंपल जांच के लिए भेजे गए

मातृ एवं शिशु देखभाल अधिकारी डा.विनोद करंजीकर ने कहा, “मुंबई और अन्य जगहों पर खसरे के मामलों की वजह से नहीं, बल्कि महामारी की वजह से हर महीने मरीजों की जांच की जाती है. इसमें खसरे के मरीज भी शामिल हैं. साथ ही इसी माह के संदिग्धों के सैंपल लैब में भेजे गए हैं. मई माह तक यह मरीज ठीक हो चुके हैं   ।”