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"सिर में गोली खा लेंगे, लेकिन कलमा नहीं पढ़ेंगे", भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में बोली नवनीत राणा


अमरावती: हमने ऑपरेशन सिद्दूर के जरिए आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। देश में अब गीता बनाम कलमा को लेकर विवाद चल रहा है। वे देश में कलमा चाहते हैं। हम सिर में गोली खा लेंगे, लेकिन कलम नहीं पढ़ेंगे। शनिवार को अमरावती में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद नवनीत राणा ने यह बात कही। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी मौजूद रहे। 

शहर के परिणयबंध लॉन में आयोजित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सभा आयोजित की गई थी। नवनीत राणा ने आगे कहा, "हिंदुस्तान में रहने वाले सभी लोगों को एक साथ आने की जरूरत है। जब हमने तिरंगा यात्रा निकाली, तो कहा गया कि यह भाजपा की तिरंगा यात्रा है। कांग्रेस के लोग तिरंगा उठाने को तैयार नहीं थे। उन्हें अभी भी पाकिस्तान से प्यार है। जिन लोगों को आतंकवादियों ने गोली मारी, वे भाजपा के लोग नहीं थे। इस आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिद्धूर शुरू किया गया था।

नवनीत राणा ने कहा, जब अमरावती में दंगे भड़के, तो सबसे ज्यादा असर हिंदुओं पर पड़ा। हिंदू परिवारों में एक ही बेटा है, जबकि उनकी बस्तियों में भीड़ का राज है। लेकिन, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे लोग सौ से ज्यादा हैं।" उन्होंने आगे कहा, "आने वाले समय में बकरीद का त्यौहार आने वाला है। कुछ बस्तियों में घर के पीछे गाय का बछड़ा बंधा हुआ दिखाई देता है। नालियों में खून बहता है, नाम बकरीद है, लेकिन गाय का बछड़ा काटा जाता है। लेकिन अब ऐसा किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा। पालकमंत्री होने के नाते चंद्रशेखर बावनकुले को प्रशासन को निर्देश देने चाहिए। नवनीत राणा ने कहा कि हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कड़ी निगरानी रख रहे हैं।