logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर प्रशासन का कड़ा रुख: जनगणना कार्य में लापरवाही पर 10 शिक्षकों के खिलाफ FIR के आदेश ⁕
  • ⁕ हिंगणा MIDC में उद्योगों को मिलेगी एलपीजी की किल्लत से राहत, 30 जून तक पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य ⁕
  • ⁕ महायुति में घमासान: "छोटी पार्टी समझकर क्या हमें खत्म करना चाहते हो?", भाजपा पर बरसे शिवसेना विधायक संजय गायकवाड ⁕
  • ⁕ Nagpur Railway Station Re-development: 8 अप्रैल से प्लेटफॉर्म नंबर 2 बंद, मडगांव एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के रूट बदले, देखें पूरी लिस्ट ⁕
  • ⁕ ताहिर बेग ने खुद को महाराज बताकर महिला का किया शोषण, पुलिस ने आरोपी को अमरावती से किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, पांचपावली पुलिस की ऑपरेशन थंडर के तहत कार्रवाई ⁕
  • ⁕ अमरावती विभाग में बनेंगे 'हाईटेक' एसटी बस स्टॉप; 15 करोड़ रुपये के 'प्रतीक्षालयों' को मिली मंजूरी ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Amravati

शांति का रास्ता खत्म; मांगें पूरी न होने पर बच्चू कडू की तीव्र आंदोलन की चेतावनी


अमरावती: प्रहार जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष बच्चू कडू ने कहा है कि जिले के लंबित मुद्दों पर सरकार तत्काल निर्णय ले, वरना आंदोलन और तीव्र होगा, ऐसा चेतावनी आंदोलनकारियों ने दी। शांतिपूर्ण तरीके से किया गया आंदोलन का चरण अब समाप्त हो चुका है, यदि सरकार ने संज्ञान नहीं लिया तो स्थिति गंभीर हो सकती है, ऐसा इस बार चेताया गया।

आंदोलनकारियों ने बताया कि जिला स्तर पर कई मुद्दे हल हो चुके हैं, लेकिन सरकार स्तर पर महत्वपूर्ण प्रश्न अभी भी लंबित हैं। इससे आदिवासी समाज में तीव्र नाराजगी पैदा हो गई है। सरकार दोपहर चार बजे तक सकारात्मक निर्णय ले, वरना आंदोलन का रुख और सख्त किया जाएगा, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया।

इस दौरान पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे पर भी निशाना साधा गया। आंदोलन की मांगों की अनदेखी हो रही है, आदिवासी समाज के मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है, ऐसा आरोप आंदोलनकारियों ने लगाया। जिले में कई समस्याएं लंबित हैं, उन पर तत्काल निर्णय आवश्यक है, ऐसा उन्होंने कहा।

साथ ही रेत नीति पर भी नाराजगी जताई गई। मध्यप्रदेश से आने वाली रेत पर रॉयल्टी नहीं लगती, जबकि महाराष्ट्र की रेत पर लगाई जाती है, ऐसा मुद्दा उठाया गया। आदिवासी मतदाताओं ने भारी मतों से विधायक चुना है, उनके मुद्दों की अनदेखी न हो, ऐसी अपेक्षा भी आंदोलनकारियों ने व्यक्त की। इस बीच, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तीव्र करने की चेतावनी दी गई है तथा प्रशासन से स्थिति की गंभीरता से संज्ञान लेने की मांग की गई है।