Chandrapur: भाजपा गटनेता की बैठक से महापौर सहित 8 नगरसेवक नदारद, पार्टी के भीतर के मतभेद एक बार फिर सामने
चंद्रपुर: महानगरपालिका की स्थायी समिति के अध्यक्ष पद का चुनाव 16 मार्च को होने जा रहा है। इसी को लेकर भाजपा के गटनेता शेखर शेट्टी ने चंद्रपुर के वन विश्रामगृह में भाजपा नगरसेवकों की बैठक बुलाई थी। लेकिन महापौर सहित भाजपा के आठ नगरसेवक इस बैठक में अनुपस्थित रहे, जिससे पार्टी के भीतर के मतभेद एक बार फिर सामने आ गए हैं।
महापौर चुनाव के समय विधायक सुधीर मुनगंटीवार और विधायक किशोर जोरगेवार के बीच राजनीतिक टकराव सभी ने देखा था। बाद में पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद महापौर चुनने का अधिकार मुनगंटीवार को दिया गया था। इसके बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के समर्थन से भाजपा ने संगीता खांडेकर को महापौर बनाकर मनपा में सत्ता स्थापित की। उस समय स्थायी समिति का सभापति पद शिवसेना को देने का आश्वासन भाजपा की ओर से दिया गया था।
अब स्थायी समिति अध्यक्ष पद का चुनाव नजदीक आने से भाजपा के सामने इस वादे को निभाने की चुनौती खड़ी हो गई है। इसी संदर्भ में गटनेता शेखर शेट्टी ने भाजपा नगरसेवकों की बैठक बुलाई थी, लेकिन मुनगंटीवार गुट के महापौर सहित आठ नगरसेवकों ने बैठक का बहिष्कार किया, जिससे पार्टी के अंदर मतभेद अब भी कायम होने के संकेत मिले हैं। इस आंतरिक खींचतान का असर भविष्य में होने वाले महिला एवं बाल कल्याण समिति तथा जोन सभापति पद के चुनावों पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा महानगरपालिका में सभागृह नेता पद को लेकर भी भाजपा के दोनों गुट आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।
इस बीच महानगरपालिका की स्थायी समिति में कुल 16 सदस्य हैं, जिनमें 8 सदस्य भाजपा-शिवसेना के और 8 सदस्य कांग्रेस व सहयोगी दलों के हैं। बराबरी के इस आंकड़े के कारण यह चुनाव बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला माना जा रहा है। कांग्रेस ने भी इस चुनाव के लिए अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।भाजपा के अंदर चल रहे घटनाक्रम को देखते हुए शिवसेना ने भी सतर्क रुख अपनाया है और अपनी स्वतंत्र तैयारी शुरू कर दी है। अब भाजपा अपने सहयोगी दल से किया गया वादा कैसे निभाती है इस पर शहर की नजर टिकी हुई है।
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