logo_banner
Breaking
  • ⁕ क्रिकेट वर्ल्ड कप का रोमांच होगा दोगुना! T20 में खेलेंगे 20 देश, वनडे में आया 'सुपर-7' का नया नियम; देखें पूरा शेड्यूल ⁕
  • ⁕ "योग्य समय देवभाऊ देश का नेतृत्व करें, पांडुरंग से मन्नत मांगूंगा...", महायुति के मंत्री दत्तात्रय भरणे का बड़ा बयान ⁕
  • ⁕ कर्जमाफ़ी के बाद Devendra Fadnavis ने किसानों को दी बड़ी राहत, 48 हजार करोड़ का लंबित बिजली बिल माफ़ करने का किया ऐलान; दिन में मिलेगी मुफ्त बिजली ⁕
  • ⁕ Nagpur: सेंट्रल जेल में कैदियों का हंगामा, जेल अधिकारियों को दी जान से मारने की धमकी ⁕
  • ⁕ Yavatmal: फर्जी सोयाबीन बीज बेचकर किसानों से धोखाधड़ी, बीज कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज ⁕
  • ⁕ Akola: 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते पंचायत समिति का सहायक कार्यक्रम अधिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार, तकनीकी सहायक भी आरोपी ⁕
  • ⁕ Amravati: अपराधियों ने युवक पर हमला कर काटा हाथ, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत; दिन दहाड़े हुई घटना से मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Amravati

Amravati: अमरावती एसटी संभाग में 11 बसें कबाड़ घोषित, मांगी गई 171 नई बसों में से मिली केवल 20


अमरावती: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन के अमरावती संभागीय कार्यालय ने 15 वर्षों से अधिक समय से सेवा में रहीं 11 बसों को कबाड़ घोषित कर दिया है और उनका परिचालन बंद कर दिया है। डिविजनल कंट्रोलर नीलेश बेलसरे ने बताया कि अब ये कबाड़ बसें सड़क पर नहीं चलेंगी। उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों में कुछ और बसें स्क्रैप की गई जाएंगी।

23 दिसंबर तक 15 साल से अधिक समय से चल रही एसटी बसों को सूचीबद्ध कर उनका परिचालन बंद कर दिया गया है। इसके चलते कई बसों के फेरे भी कम करने पड़े हैं। बसों की कमी को पूरा करने के लिए अमरावती मंडल ने एसटी निगम से 171 नई बसों की मांग की है। जिसमें से अब तक केवल 20 नई बसें ही अमरावती मंडल को मिली हैं।

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बसें पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में यात्रियों को स्टेशन में बस का इंतजार करना पड़ता है। शेष बसों की मांग शीघ्र पूरी करने की मांग की गई है।