अमरावती में भाजपा ने 25 में से 23 नगरसेवकों से लिए इस्तीफे, घबराए पहली बार चुनकर आए नगरसेवक
अमरावती: भाजपा के खेमे से बड़ी खबर सामने आई है। अमरावती में भाजपा ने चुनाव जीतकर आए सभी 25 में से 23 नगरसेवकों के इस्तीफे लिखवा लिए हैं। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयान या कार्रवाई, वित्तीय अनियमितता या घोटाले में शामिल होने, जाति-जाति में तनाव फैलाने वाले बयान या अन्य गंभीर अनुचित कार्यों में पाया गया तो पार्टी मेरे खिलाफ कार्रवाई कर सकती है और मेरा इस्तीफा ले सकती है - इस आश्वासन पत्र के रूप में ये इस्तीफे लिखवाए गए।
इस संबंध में भाजपा के एक जिम्मेदार पदाधिकारी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा, “हमारे किसी भी नगरसेवक ने गलती की तो पार्टी मेरे खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, इस्तीफा ले सकती है।” ऐसे आश्वासन पत्र लिखवाए गए हैं। दरअसल, भाजपा ने ऐसा पहली बार नहीं किया। इससे पहले 2017 में भी जीते नगरसेवकों से इसी तरह इस्तीफा रूपी आश्वासन पत्र लिखवाए गए थे।
सोमवार को होटल ग्रैंड महफील में भाजपा पदाधिकारियों की नवनिर्वाचित नगरसेवकों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में महापौर के नाम तय किए गए। पहले सवा वर्ष के लिए श्रीचंद तेजवानी और उसके बाद सवा वर्ष के लिए आशिष अतकरे के नाम घोषित किए गए। इस दौरान संगठन मंत्री उपेंद्र कोठेकर, विधायक संजय कुटे, शहराध्यक्ष डॉ. नितीन धांडे ने नवनिर्वाचित नगरसेवकों को मार्गदर्शन किया।
विधायक कुटे ने महापौर के नामों की घोषणा की। उसी समय भाजपा के 25 में से मौजूद 23 नगरसेवकों के इस्तीफा पत्र लिखवाए गए। इनमें से दो नगरसेवक व्यक्तिगत महत्वपूर्ण कारणों से उपस्थित नहीं हो सके। इसी बैठक में भाजपा ने सभी नगरसेवकों को एक आश्वासन पत्र देकर हस्ताक्षर करने को कहा। उस कागज को देखकर नए नगरसेवक कुछ घबरा गए थे।
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