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Chandrapur

Chandrapur: कांग्रेस में दो गुट, दो नेता; महापौर चुनाव पर होगा सिधा असर


- पवन झबाडे

चंद्रपुर: महानगरपालिका में कांग्रेस गुटनेता के चयन की प्रक्रिया में बड़ा राजनीतिक मोड़ सामने आया है। महानगरपालिका चुनाव में कांग्रेस के 27 नगरसेवक निर्वाचित हुए थे, लेकिन गुटनेता के चयन को लेकर सांसद प्रतिभा धानोरकर और विधायक विजय वडेट्टीवार के बीच तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला।

कुछ दिन पहले सांसद प्रतिभा धानोरकर गुट की ओर से विभागीय आयुक्त कार्यालय में कांग्रेस के कुछ नगरसेवकों की गुट पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की गई थी। इस दौरान सुरेंद्र अडबाले का नाम गुटनेता पद के लिए प्रस्तावित किया गया। हालांकि, विधायक विजय वडेट्टीवार गुट के नगरसेवकों ने इस प्रक्रिया का कड़ा विरोध करते हुए उक्त गुट को अस्वीकार्य बताया और इसकी लिखित आपत्ति विभागीय आयुक्त कार्यालय में दर्ज कराई।

इसके बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया। दोनों गुटों ने अपने-अपने नगरसेवकों को अज्ञात स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया। इस दौरान आरोप–प्रत्यारोप, खींचतान और ‘पार्षदों को सुरक्षित रखने’ का राजनीतिक ड्रामा भी देखने को मिला, जिससे चंद्रपुर की राजनीति में हलचल मच गई।

इसी बीच आज वडेट्टीवार गुट के नगरसेवक विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे और उन्होंने कांग्रेस मित्र पक्ष नाम से अपने अलग गुट का पंजीकरण कराया। इस गुट की ओर से सचिन कत्त्याल का नाम गुटनेता पद के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर निर्वाचित नगरसेवकों के अब दो अलग-अलग गुट और दो गुटनेता सामने आ गए हैं। इस घटनाक्रम से कांग्रेस के भीतर गहराते आंतरिक मतभेद साफ तौर पर उजागर हो गए हैं। इसका सीधा असर अब महापौर चयन प्रक्रिया पर पड़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

गौरतलब है कि चंद्रपुर महानगरपालिका में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। भाजपा ने अपने 23 नगरसेवकों के साथ शिवसेना (शिंदे गुट) के एक नगरसेवक को मिलाकर 24 सदस्यों का गुट पंजीकृत कराया है। वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह और वंचित बहुजन आघाड़ी के दो नगरसेवकों को मिलाकर आठ सदस्यों का गुट शिवसेना की ओर से पंजीकृत किया गया है।

इस बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के जिलाध्यक्ष संदीप गिऱ्हे ने स्पष्ट किया है कि जो भी दल शिवसेना का महापौर बनाएगा, उसे उनका समर्थन मिलेगा। इसके चलते सभी राजनीतिक दल महापौर पद हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं।कांग्रेस में घटी इस बड़ी राजनीतिक उठापटक के बाद अब चंद्रपुर महानगरपालिका में सत्ता के समीकरण किस तरह बनते हैं और महापौर की कुर्सी किसके हाथ लगती है, इस पर पूरे राजनीतिक गलियारों की नजर टिकी हुई है।