logo_banner
Breaking
  • ⁕ CM देवेंद्र फडणवीस ने आंदोलनकारी छात्रों से की मुलाकात, मानी सभी मांगे; मंत्री उइके ने आंदोलन समाप्त करने का किया आवाहन ⁕
  • ⁕ मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के ‘शुद्धीकरण’ पर नितीन राऊत आक्रामक, डॉ. नितीन राऊत ने पांचपावली पुलिस में दर्ज कराई शिकायत ⁕
  • ⁕ गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन की तैयारियां तेज; मनपा, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त समन्वय बैठक, मंडलों को दिए गए अहम् निर्देश ⁕
  • ⁕ क्या बैंक लॉकर भी सुरक्षित नहीं? नागपुर में केनरा बैंक के लॉकर से लाखों के जेवर गायब, NRI महिला ने कर्मियों पर लगाए धोखाधड़ी के आरोप ⁕
  • ⁕ महिला अस्पताल अग्निकांड: 3 नवजात शिशुओं की मौत के बाद अस्पताल पहुंचीं चित्रा वाघ, यशोमती ठाकुर ने भाजपा नेताओं के दौरे को बताया 'पर्यटन यात्रा' ⁕
  • ⁕ Chandrapur: बच्चे पहुंचे स्कूल, लेकिन सभी शिक्षक नदारद! सुपगांव जिला परिषद स्कूल में बवाल, जांच के आदेश ⁕
  • ⁕ Nagpur: कैफे में नाबालिग से दुष्कर्म से मचा हड़कंप, 19 वर्षीय युवक पर पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Amravati

अमरावती जिले में जनवरी से अप्रैल तक 118 किसानों ने की आत्महत्या


अमरावती: जिले में किसान आत्महत्या का सिलसिला लगातार जारी है। अमरावती जिले में पिछले चार महीने में 118 किसानों ने आत्महत्या की, जबकि पिछले दो महीनों में 66 किसानों ने मौत को गले लगाया। इनमें अधिकांश किसानों ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर आत्महत्या का कदम उठाया।

अन्नदाता कहे जाने किसान आज भी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। सरकार भले ही उनके विकास और कृषि के लिए विविध योजनाओं को क्रियान्वित की है, लेकिन वास्तविकता ये है कि आज भी असंख्य किसान इन योजनाओं का पूरा लाभ लेने से वंचित रह जा रहे। कभी मौसम की मार तो कभी फसल पर कीड़ों - बिमारियों के प्रकोप से उनकी मेहनत पर पानी फिर जा रहा है। बड़ी उम्मीद के साथ खेतों में बीज बोन वाले किसानों को जब निराशा हाथ लगती है तो वो कई बार जिंदगी से हार जाते हैं।  

इस साल 40 ने दी जान 

अमरावती जिले में इस साल भी किसानों की आत्महत्या का सिलसिला लगातार जारी है। मार्च महीने से अमरावती जिले में लोकसभा चुनाव की तैयारी और उम्मीदवार जहाँ प्रचार में व्यस्त थे, वहीं 40 से अधिक किसानों ने अपनी मजबूरियों के आगे हार कर मौत को गले लगा लिया। 

इस साल जनवरी से अप्रैल तक मात्र चार महीनों में 118 किसानों ने आत्महत्या की, केवल मार्च और अप्रैल के महीने में ही 66 किसानों ने मौत को गले लगाया है।   प्राकृतिक आपदाओं, सूखा, बंजरता, साहूकारों के कर्ज, बैंक कर्ज की समस्याओं के कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं, जबकि अनेक वादे करने वाले नेता ही इन किसानों की समस्या की अनदेखी करते हैं।

अमरावती में सर्वाधिक आत्महत्याएं 

राज्य में सबसे ज्यादा किसान आत्महत्याएं अमरावती विभाग में हुई हैं उनमे भी अमरावती जिले में सबसे ज्यादा किसान खुदखुशी हुई है। अमरावती जिले में 2001 से 2024 तक 5,294 किसानों ने आत्महत्या की है। ये आंकड़ा बता रहा है कि किसान किस तरह से अपनी मुश्किलों के आगे हार रहा है।