logo_banner
Breaking
  • ⁕ Yavatmal: ACB की बड़ी करवाई, रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में दो धारदार तलवारें लेकर दहशत फैलाने वाले शख्स को पुलिस ने दबोचा ⁕
  • ⁕ Gondia: उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के अस्थि कलश का गोंदिया में भावुक दर्शन, कोरणी घाट पर होगा अस्थि विसर्जन ⁕
  • ⁕ Bhandara:कांग्रेस को झटका, ओबीसी जिलाध्यक्ष शंकर राऊत ने भाजपा में किया प्रवेश ⁕
  • ⁕ Bhandara: किसानों का पटाखा फोड़ आंदोलन, धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग ⁕
  • ⁕ नई दिल्ली में दिवंगत अजित पवार की श्रद्धांजली सभा, सांसद प्रफुल्ल पटेल ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ में जल्दबाजी को लेकर दिया जवाब ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Amravati

Amravati: अमरावती जिले में रबी की 60 प्रतिशत बुआई हुई पूरी, करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में बुआई की योजना


अमरावती: कृषि विभाग की ओर से अमरावती जिले में खरीफ के बाद औसतन 1 लाख 48 हजार 879 हेक्टेयर में रबी की बुआई की योजना बनाई गई है। अब तक 82 हजार 233 हेक्टेयर यानि 60 फीसदी बुआई पूरी हो चुकी है।

पिछले वर्ष 1 लाख 61 हजार 453 हेक्टेयर में बुआई हुई थी। कृषि विभाग द्वारा रबी सीजन की योजना बनायी गई है। 1 लाख 48 हजार हेक्टेयर में रबी सीजन की खेती होगी। इनमें से 82 हजार 233 हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है। 

पिछले साल चने के मिले अच्छे दाम को देखते हुए किसानों का रुझान इस साल भी चने की फसल की ओर है। ऐसे में अनुमान है कि चने की फसल अधिकतम 65 हजार 972 हेक्टेयर में बोई जाएगी। इसके अलावा रबी मौसम में गेहूं, ज्वार, मक्का, सरसों, कुसुम, तिल, अलसी, सूरजमुखी जैसी फसलों की खेती की जा रही है। खरीफ सीजन में हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसान अब रबी में प्रयास करेंगे।

बिजली की चिंता 

भारी बारिश से खरीप में फसलें नष्ट हो गईं थीं। नदी के किनारे के खेतों की फसलें बह गईं। खेत झील में तब्दील होने से फसलें जल गईं। रबी सीजन में जहां इससे उबरने की कोशिश की जा रही है, वहीं बिजली कंपनी प्रबंधन ने किसानों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। फसल की सिंचाई पूरी होने से पहले ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। ऐसे में रबी फसल भी खतरे में पड़ने की आशंका बढ़ गयी है। किसानों को चिंता है कि बिजली कब चली जाए, इसका कोई ठिकाना नहीं है।