logo_banner
Breaking
  • ⁕ Yavatmal: ACB की बड़ी करवाई, रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में दो धारदार तलवारें लेकर दहशत फैलाने वाले शख्स को पुलिस ने दबोचा ⁕
  • ⁕ Gondia: उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के अस्थि कलश का गोंदिया में भावुक दर्शन, कोरणी घाट पर होगा अस्थि विसर्जन ⁕
  • ⁕ Bhandara:कांग्रेस को झटका, ओबीसी जिलाध्यक्ष शंकर राऊत ने भाजपा में किया प्रवेश ⁕
  • ⁕ Bhandara: किसानों का पटाखा फोड़ आंदोलन, धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग ⁕
  • ⁕ नई दिल्ली में दिवंगत अजित पवार की श्रद्धांजली सभा, सांसद प्रफुल्ल पटेल ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ में जल्दबाजी को लेकर दिया जवाब ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Amravati

Amravati: गलत दवा के कारण खराब हुए 900 संतरे के पेड़, किसानों का लाखों रुपये का नुकसान


अमरावती: चांदूर बाजार तहसील के दिलालपुर के चार किसानों के 900 संतरों के पेड़ फफूंदनाशक दवा के छिड़काव से खराब होकर सूख गए हैं और लगभग लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

संतरा किसानों ने बताया है कि चांदूर बाजार के शिवार कृषि केंद्र में फफूंदनाशक दवा की मांग की, तो उन्होंने वही दवा देने के बजाय अपनी दुकान से दूसरी दवा लेने के लिए मजबूर किया। इस दवा का छिड़काव होते ही संतरे के पेड़ों की पत्तियाँ सूखकर गिरने लगीं। कुछ समय बाद अम्बिया बहार के नारंगी फल पीले होकर गिरने लगे। संतरे के फल पेड़ पर ही पीले पड़ने लगे।

संभागीय कृषि निदेशक से की गई शिकायत में किसानों ने आरोप लगाया है कि शिवार  कृषि केंद्र के संचालक अनिकेत घोरमाडे ने उन्हें जबरन फफूंदनाशक दवा न देकर गलत दवा दी गई है और साथ ही शिवार कृषि केंद्र का लाइसेंस रद्द कर मुआवजे देने की मांग की है।

दिलालपुर शिवार में केशवराव दाभाड़े और माणिकराव दाभाड़े के खेत में 400 संतरे के पेड़ हैं, रवींद्र भाकरे के खेत में 200 संतरे के पेड़ हैं और श्रीमती सिंधुताई भाकरे के खेत में 300 संतरे के पेड़ हैं। इन पेड़ों पर अम्बिया बहार और मृग बहार के शिशु फल फूटने की अवस्था में हैं।

मृग बहार के पेड़ों में फूल खिलने के लिए 10 जुलाई को स्थानीय शिवार कृषि केंद्र से मावा और फंगल रोगों के प्रसार को रोकने के लिए दवा का अनुरोध किया गया था। कृषि निदेशक अनिकेत घोरमाडे ने फफूंदनाशक की जगह दूसरी फर्जी दवा दे दी।  माणिकराव और केशवराव दाभाड़े से 3100 रुपये और रवीन्द्र और सिंधुताई भाकरे से 4100 रुपये लिए।

जब संतरे के पेड़ पर इस दवा का छिड़काव किया गया तो पत्तियां और फल पीले पड़ने लगे। जब मैंने कृषि केंद्र के संचालक को बताया कि संतरे के फल पीले पड़ने लगे हैं और पत्तियां मुरझाने लगी हैं, पेड़ सूख रहे हैं, तो उन्होंने अभद्र व्यवहार किया और कहा कि मेरी शिकायत कृषि विभाग में ले जाओ और करो।

विधायक बच्चू कडू, कलेक्टर, कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, तहसीलदार, तहसील कृषि अधिकारी, कृषि अधिकारी को दी गई शिकायत में किसान माणिक दाभाड़े, रवीन्द्र भाकेरे सिंधुताई भाकेरे केशवराव दाभाड़े ने कहा है कि यदि इस कृषि केंद्र का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया और हमारे किसानों को लाखों रुपये का मुआवजा नहीं दिया गया तो हम जल्द ही इसी खेत में आत्महत्या कर लेंगे।