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Amravati: UP के बाद अब महाराष्ट्र की जेलों में ड्रोन से सुरक्षा, सुरक्षा में वीडियो कैमरों का उपयोग


अमरावती: उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब महाराष्ट्र में भी जेलों की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा  ड्रोन और वीडियो कैमरों से निगरानी की जाएगी। मंगलवार को पुणे के दौलतराव जाधव जेल अधिकारी प्रशिक्षण केंद्र में केवल कुछ ही जेल कर्मचारियों को ड्रोन और वीडियो कैमरों को संभालने का प्रशिक्षण दिया गया।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं कारागार महानिरीक्षक अमिताभ गुप्ता की पहल पर कारागार विभाग में जनशक्ति की कमी, आधुनिकीकरण, सर्वसुविधायुक्त सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों के आवास की समस्या एवं बंदियों की समस्याओं को दूर करने को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य की अधिकांश जेलें अंग्रेजों के जमाने में बनी हैं। अब इस इलाके में नागरिक बस्तियां बढ़ने से जेलों की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा का मुद्दा सामने आ गया है। जैसा कि कुछ जेल राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ स्थित हैं, जेलों में क्या चल रहा है यह सड़क से आसानी से देखा जा सकता है।

जेल की परिधि में सशस्त्र सुरक्षा गार्डों द्वारा गश्त की जाती है। इतना ही नहीं जेल के किनारे वाच टावर लगे हैं। बहरहाल जिस तरह जेलों की पत्थर की दीवार और फौलाद की सुरक्षा को तोड़कर कैदियों के अंदर मोबाइल फोन, गांजा, चरस, शराब, गुटखा पहुंच रहा है, यह शोध का विषय बनता जा रहा है। यह भी उतना ही सच है कि कर्मचारियों के सहयोग के बिना यह संभव नहीं है। नतीजतन, जेल की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए अब ड्रोन कैमरे से 24 घंटे निगरानी की जाएगी। अमरावती सेंट्रल जेल में पिछले साल जून के महीने में जेल ब्रेक हुआ था।

इन शहरों की जेल में होगी ड्रोन निगरानी

मुंबई में आर्थर रोड, पुणे में यरवदा, औरंगाबाद, नासिक, कोल्हापुर, ठाणे, तलोजा, अमरावती और नागपुर में नौ केंद्रीय जेलों में सुरक्षा के लिए ड्रोन और वीडियो कैमरे होंगे। इसी के साथ ही कल्याण, चंद्रपुर जिला जेल के साथ अमरावती जिले के मोर्शी में खुली जेल में भी ड्रोन से सुरक्षा की जाएगी। सेंट्रल जेल के चार और जिला जेल के तीन कर्मचारियों को ड्रोन से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।