logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Amravati

Amravati: जिले के 5 लाख 10 हजार किसानों ने कराया फसल बिमा


अमरावती: राज्य सरकार ने खरीफ सीजन में किसानो को बड़ी राहत देते हुए एक रूपये में फसल बिमा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले में 31 जुलाई तक 5 लाख 10 हजार किसानों ने खरीपा फसल बीमा कराया है। हालांकि, सर्वर धीमा होने के कारण राज्य के कई किसान इससे वंचित रह जाते, इसको देखते हुए राज्य सरकार ने रजिस्ट्रेशन की तारीख को अगस्त महीने तक बढ़ा दिया है। 

रजिस्ट्रेशन के दौरान सर्वर धीमा और दस्तावेजों के अपलोड करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी के कारण जिले के अधिकतर किसान इससे वंचित होने की स्थिति बन गई थी। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी तारीख बढाकर तीन अगस्त कर दी थी। जिसके बाद 5 लाख 10 हजार किसानों ने अब तक पंजीयन करा दिया है। 

किसान सामूहिक सेवा केंद्रों (सीएससी) की ओर उमड़ पड़े हैं क्योंकि उन्हें विशेष रुपये में फसल बीमा रिफंड मिल सकता है। देर से हुई बारिश के कारण किसान बुआई में व्यस्त थे। बाद में भारी बारिश और लगातार बारिश के कारण फसलें खराब हो गईं और किसान फसल बीमा में भाग लेने के लिए केंद्र पर जा रहे थे, जबकि सर्वर डाउन की समस्या चिंता बढ़ा रही थी, विस्तार से राहत मिली है।