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Amravati: छह महीने से 60 हजार मनरेगा कर्मियों को नहीं मिला पैसे, आर्थिक स्तिथि बिगड़ी


अमरावती: महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना विभाग को पिछले नवंबर से इस वर्ष जनवरी से फरवरी तक चार माह की मजदूरों की मजदूरी नहीं मिली है. साथ ही मार्च से अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया के कारण पिछले छह माह से लोक निर्माण कार्यों का करीब 20 करोड़ 90 लाख 29 हजार रुपये सरकार के पास फंसा हुआ है. अत: रोहियो में अकुशल श्रम की मात्रा नहीं मिलने से आर्थिक गणना बिगड़ गयी है।

ग्रामीण क्षेत्रों से मजदूरों के पलायन को रोकने और हाथों को काम देने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से रोजगार गारंटी योजना के तहत विभिन्न कार्य किये जाते हैं. लेकिन, काम करने के बाद भी मजदूरों के बैंक खाते में मजदूरी की राशि जमा नहीं होने से मजदूर बैंक व पंचायत समिति का चक्कर लगा रहे हैं.

केंद्र सरकार ने रोहियो के पंजीकृत मजदूरों को 100 दिनों के काम की गारंटी दी है। वर्ष के शेष दिनों में रोजगार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। जिले में रोहियो आंतरिक व्यवस्था और ग्राम पंचायत स्तर पर 50-50 फीसदी काम हो चुका है.

कानून के मुताबिक 40 फीसदी कुशल काम और 60 फीसदी अकुशल काम रखना जरूरी है. रोहियो पर काम करने वाले मजदूर को 15 दिन के अंदर अपनी मजदूरी अपने बैंक खाते में जमा करानी होती है। इसके बावजूद सरकार से मजदूरों को वेतन देने के लिए फंड नहीं मिला. नतीजतन मजदूरों को तीन माह से काम का भुगतान नहीं हुआ है.