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Amravati: नई पाठ्यपुस्तकों में खाली पन्ने पूरी तरह खत्म! शिक्षकों, प्राचार्यों और विद्यार्थियों ने ली राहत की सांस


अमरावती: नई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा 1 से 12 तक के पाठ्यक्रम में बदलाव होगा। इस बीच कक्षा 1 से 8 तक प्रत्येक पाठ के बाद एक खाली पन्ना दिया जाता था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इसलिए नई पाठ्यपुस्तकों में पाठ के बाद खाली पन्ने को समाप्त कर दिया गया है। इससे शिक्षकों, प्राचार्यों और विद्यार्थियों ने भी राहत की सांस ली है।

शिक्षा क्षेत्र में हमेशा कई बदलाव किए जाते हैं। दो साल पहले एक नई पहल के तहत कक्षा 1 से 8 तक प्रत्येक पाठ के बाद एक खाली पन्ना दिया गया था। ये पन्ने इसलिए दिए गए थे ताकि विद्यार्थी पाठ सीखने के बाद इस पन्ने पर कुछ नोट्स बना सकें। इसके पीछे शुद्ध मंशा विद्यार्थियों की रचनात्मकता को अवसर देना और पाठ सीखने के बाद उस पन्ने पर जरूरी बातें लिखना था। हालांकि यह योजना सफल नहीं हो पाई।

पिछले साल सरकार की ओर से स्कूलों का निरीक्षण करने के आदेश मिले थे। विद्यार्थियों को दी जाने वाली पाठ्यपुस्तकों में यह जांचने के निर्देश दिए गए थे कि क्या विद्यार्थियों ने खाली पन्नों पर बिंदु लिखे हैं या शिक्षकों ने उनसे बिंदु लिखवाए हैं। कुल मिलाकर देखा गया कि खाली पन्ने में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ और किसी भी स्कूल में इसका ज्यादा क्रियान्वयन होता नहीं दिखा। इसलिए अब नई पाठ्यपुस्तकों में उस खाली पन्ने को हटाने का निर्णय लिया गया है।

इस वर्ष कक्षा 1 का पाठ्यक्रम बदल रहा है। 11 लाख से अधिक विद्यार्थियों को नए पाठ्यक्रम की बिना खाली पन्ने वाली पाठ्यपुस्तकें दी जाएंगी। इस संबंध में पाठ्यपुस्तक मंडल के निदेशक कृष्णकुमार पाटिल ने निर्देश जारी किए हैं। राज्य में कक्षा 1 से 12 तक के पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा। इस वर्ष से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। श्री गणेश पाली से इसकी जानकारी ली गई है। नई शिक्षा नीति के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए पाठ्यक्रम को सीबीएसई पैटर्न के अनुसार तैयार किया गया है। इस नए पाठ्यक्रम की पाठ्यपुस्तक की छपाई का काम चल रहा है। हालांकि नई किताब में खाली पन्ने नहीं होंगे।