Amravati: CCI की कपास खरीदी बंद, किसानों की बढ़ी मुश्किलें; 31 मार्च तक समय सीमा बढ़ाने की मांग
अमरावती: भारतीय कपास निगम (CCI) द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही कपास की खरीदी बंद कर दी गई है। हालांकि, कई किसानों के पास अब भी भारी मात्रा में कपास का स्टॉक बचा हुआ है, जिसके कारण खरीदी की समय सीमा 31 मार्च तक बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है। फिलहाल, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए समय सीमा बढ़ना मुश्किल नजर आ रहा है।
जिले में 18.80 लाख क्विंटल की रिकॉर्ड खरीदी
अमरावती जिले में इस सीजन के दौरान अब तक लगभग 18.80 लाख क्विंटल कपास की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है। सीसीआई ने दावा किया है कि पहले चरण का 'FAQ' (अच्छी गुणवत्ता वाला) ग्रेड का कपास लगभग समाप्त हो चुका है, इसलिए खरीदी प्रक्रिया रोक दी गई है।
मुख्य आंकड़े और केंद्रवार स्थिति
इस साल सीसीआई ने 10 नवंबर से ही खरीदी शुरू कर दी थी। जिले की 9 कृषि उपज मंडी समितियों के माध्यम से हुई खरीदी का ब्यौरा इस प्रकार है:
- दर्यापुर और अंजनगांव सुर्जी: सर्वाधिक 9 लाख क्विंटल की खरीदी।
- अमरावती मंडी: लगभग 2.5 लाख क्विंटल।
- चांदूर बाजार, अचलपुर, धामणगाव रेलवे: प्रत्येक केंद्र पर करीब 1.5 लाख क्विंटल।
- मोर्शी, नांदगांव खंडेश्वर और वरुड: लगभग 60-60 हजार क्विंटल कपास खरीदा गया।
घोषित समर्थन मूल्य:
- लंबे रेशे वाला कपास: 8,110 रुपये प्रति क्विंटल।
- मध्यम रेशे वाला कपास: 7,110 रुपये प्रति क्विंटल।
छुट्टियों के कारण प्रभावित हुई खरीदी
सीसीआई ने पहले खरीदी की समय सीमा 27 फरवरी तय की थी, जिसे किसानों की मांग पर बढ़ाकर 15 मार्च किया गया था। लेकिन 1 से 15 मार्च के बीच सरकारी और सार्वजनिक अवकाश होने के कारण वास्तव में केवल 9 दिन ही खरीदी हो सकी। इस वजह से कई किसान अपनी उपज केंद्रों तक नहीं पहुंचा पाए।
ओने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी
सीसीआई का दावा है कि किसानों के पास अब पहले चरण का उच्च गुणवत्ता वाला कपास खत्म हो चुका है और अब केवल दूसरे व तीसरे चरण का कपास बचा है। सीसीआई इस श्रेणी के कपास को खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहा है। परिणामस्वरुप, किसानों को अपनी मेहनत की फसल खुले बाजार में व्यापारियों को कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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