Amravati: एनएचएम में फंड संकट: दो महीने से वेतन नहीं, स्वास्थ्य योजनाओं पर भी मंडरा रहा खतरा
अमरावती: National Health Mission (एनएचएम) में फंड की भारी कमी के कारण राज्य के हजारों अधिकारी और कर्मचारी पिछले दो महीनों से वेतन के इंतजार में हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अब स्वास्थ्य विभाग के पास अधिकारियों के वाहनों के लिए ईंधन तक के पैसे नहीं बचे हैं। ऐसे में कर्मचारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार राज्य के हर जिले में करीब 90 करोड़ रुपये से अधिक बजट वाले एनएचएम के तहत कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाएं संचालित होती हैं, लेकिन वर्तमान में जिलास्तर पर योजनाओं को चलाने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में विभाग को जिला परिषद और जिला नियोजन समिति के अनुदान पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले दो महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। वहीं अमरावती संभाग में ही हजारों कर्मचारी वेतन से वंचित हैं। इसके अलावा दवाइयों की आपूर्ति, रेफरल सेवाएं, जननी सुरक्षा योजना (JSY) समेत एनएचएम के तहत संचालित करीब 9 योजनाओं के लिए भी जिलास्तर पर धन की कमी बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि आशा कार्यकर्ताओं का मानधन और प्रोत्साहन राशि भी पिछले तीन महीनों से लंबित है। कार्यालयों में स्टेशनरी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी पैसे नहीं होने की बात कर्मचारी निजी तौर पर स्वीकार कर रहे हैं। राज्यभर में करीब 40 हजार कर्मचारी दो महीने से वेतन का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 में राज्य के एनएचएम के लिए करीब 301 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया था, जो केवल अप्रैल और मई महीने के वेतन के लिए पर्याप्त था। इसके बाद से विशेष अनुदान जारी नहीं किया गया है। वित्तीय संकट के कारण एनएचएम के कई ठेकेदार भी काम छोड़ने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
अमरावती संभाग में एनएचएम कर्मचारियों की संख्या (जिलावार)
- अमरावती – 850
- अकोला – 650
- बुलढाणा – 800
- वाशिम – 500
- यवतमाल – 900
फंड की कमी के चलते अब एनएचएम के तहत चल रही स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि जल्द ही फंड जारी नहीं हुआ तो योजनाओं के संचालन में बड़ी बाधा आ सकती है।
admin
News Admin