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Amravati

Amravati: चिखलदरा विदर्भ का स्वर्ग, इसे न करें प्रदूषित; यूसीएन ने नागरिकों से की अपील


अमरावती: चिखलदरा को विदर्भ का स्वर्ग कहा जाता है। पिछले कुछ दिनों में चिखलदरा में भारी बारिश के कारण चिखलदरा अब प्रकृति की सुंदरता से ढक गया है.. हरे-भरे पेड़ों ने हरी चादर ओढ़ ली है। भीमकुंड झरना लबालब हो गया है। भीमकुंड के मनमोहक दृश्य को देखने के लिए पर्यटक शनिवार और रविवार को यहां आते हैं।

चिखलदरा का भीमकुंड झरना 3500 फीट गहरी घाटी में गिरता है और इतनी ऊंचाई से गिरते झरने का आनंद लेने के लिए पर्यटक यहां आते हैं। सप्ताहांत होने के कारण यहाँ बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। पर्यटक चिखलदरा में पंचबोल प्वाइंट, देवी प्वाइंट, भीमकुंड, गाविलगढ़ किला मोजरी प्वाइंट, गोराघाट प्वाइंट देखने आते हैं। लेकिन यही पर्यटक वापस जाते समय प्लास्टिक का कचरा इस जंगल में फेंक देते हैं। इससे वनों का क्षरण हो रहा है, वहीं पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। 

कुछ दिनों में 15 अगस्त आने वाला है। इसी उद्देश्य से हजारों पर्यटक चिखलदरा में पर्यटन के लिए आते हैं यूसीएन न्यूज के माध्यम से हम सभी पर्यटकों से अपील करते हैं कि वे विदर्भ के स्वर्ग कहे जाने वाले चिखलदरा में प्लास्टिक कैरीबैग, पानी की बोतलें न फेंकें। प्लास्टिक कचरे को गमले में फेंकना चाहिए। यहां कई सालों से खड़े पेड़ों को प्लास्टिक कचरे के प्रभाव को अवशोषित करना पड़ता है।

इससे यहां का पर्यावरण बिगड़ रहा है और पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। चूंकि हवा में ओस धीरे-धीरे गायब हो रही है, इसलिए कुछ वर्षों से इस स्थान पर गर्मी भी महसूस होने लगी है। ऐसे में जाहिर तौर पर यहां के पर्यटन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके साथ ही हम यूसीएन न्यूज के माध्यम से पर्यटकों से अपील कर रहे हैं कि जब वन क्षेत्र में कोई काम न हो तो गाड़ी का हॉर्न ज्यादा तेज न बजाएं.

देखें वीडियो: