logo_banner
Breaking
  • ⁕ Yavatmal: ACB की बड़ी करवाई, रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में दो धारदार तलवारें लेकर दहशत फैलाने वाले शख्स को पुलिस ने दबोचा ⁕
  • ⁕ Gondia: उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के अस्थि कलश का गोंदिया में भावुक दर्शन, कोरणी घाट पर होगा अस्थि विसर्जन ⁕
  • ⁕ Bhandara:कांग्रेस को झटका, ओबीसी जिलाध्यक्ष शंकर राऊत ने भाजपा में किया प्रवेश ⁕
  • ⁕ Bhandara: किसानों का पटाखा फोड़ आंदोलन, धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग ⁕
  • ⁕ नई दिल्ली में दिवंगत अजित पवार की श्रद्धांजली सभा, सांसद प्रफुल्ल पटेल ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ में जल्दबाजी को लेकर दिया जवाब ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Amravati

Amravati: लक्ष्मी पूजा के बाद 'काली माता' मंदिर में भक्तों की भीड़, पैसों का प्रसाद बना आकर्षण का केंद्र


अमरावती: दिवाली के अवसर पर लक्ष्मी पूजा के बाद, भक्त देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए विभिन्न मंदिरों में जाते हैं। लेकिन अमरावती शहर के श्मशान क्षेत्र में स्थित काली माता मंदिर में पिछले 41 वर्षों से चली आ रही एक अनोखी परंपरा आज भी भक्तों को आकर्षित करती है। इस मंदिर में देवी के प्रसाद के तौर पर पैसे भी दिए जाते हैं।

मंदिर में लक्ष्मी पूजा के बाद इस विशेष प्रसाद वितरण का शुभारंभ हुआ। सैकड़ों श्रद्धालु इस प्रसाद को पाने के लिए मंदिर में उमड़ पड़े और दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और प्रसाद वितरण भोर तक जारी रहा। यह परंपरा 1984 में शुरू हुई थी। मंदिर के पुजारी शक्ति महाराज कहते हैं कि भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि, "यदि आप इस मंदिर से प्राप्त धन को अपने घर, दुकान या तिजोरी में रखते हैं, तो आपको लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती और तरक्की होती है।" 

शक्ति महाराज ने बताया कि, "धन को तिजोरी में नहीं रखना चाहिए, बल्कि समाज में उसका संचार करना चाहिए। इससे आर्थिक चक्र सुचारू रूप से चलता है और समाज की प्रगति होती है।" धार्मिक आस्था के साथ-साथ इस परंपरा के पीछे एक आर्थिक संदेश भी छिपा है। हर साल की तरह इस साल भी अमरावती का यह काली माता मंदिर भक्तों की आस्था और आकर्षण का केंद्र बना रहा।