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Amravati: अतिवृष्टि से प्रभावित 5.48 लाख हेक्टेयर को पैकेज में नहीं राहत, सहायता नहीं मिलने पर किसानों में रोष का माहौल


अमरावती: अमरावती जिले में सितंबर की अतिवृष्टि से 5.48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गईं, जिसके लिए 4.91 लाख किसानों को प्रचलित मानदंडों के अनुसार 570 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता आवश्यक थी। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा घोषित विशेष सहायता पैकेज में इस व्यापक प्रभावित क्षेत्र का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे किसानों को मदद के बजाय केवल रियायतें मिली हैं और उनमें भारी नाराजगी है।

अमरावती जिले में अगस्त महीने से शुरू हुई और सितंबर तक जारी रही लगातार बारिश के दौरान कई बार अतिवृष्टि हुई। इसके चलते खेतों में पानी भर गया और खड़ी फसलें पीली पड़कर सूख गईं। जो फसलें बच गईं, उन पर फफूंदजनित 'मर' रोग का हमला हुआ, जिससे किसानों का भारी नुकसान हुआ।

ऐसी गंभीर स्थिति में, 26 सितंबर को जिला परिषद में राजस्व मंत्री और जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने एक समीक्षा बैठक ली थी। इस बैठक में उपस्थित विधायकों ने जब इस बड़े नुकसान की ओर मंत्री का ध्यान आकर्षित किया, तो उन्होंने कृषि और राजस्व विभाग को सरसकट (समग्र) फसलों का पंचनामा करने के आदेश दिए थे।

इस संबंध में, दोनों विभागों ने एक संयुक्त हस्ताक्षर वाला विस्तृत अहवाल (रिपोर्ट) विशेष मामले के रूप में 9 अक्टूबर को सरकार को सौंप दिया था। हालांकि, 10 अक्टूबर को सरकार द्वारा जारी किए गए विशेष सहायता पैकेज के शासनादेश में इस 5.48 लाख हेक्टेयर प्रभावित क्षेत्र को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। किसानों के लिए 570 करोड़ रुपये की आवश्यक सहायता राशि का कोई उल्लेख न होने से, प्रभावित किसानों को केवल सवलती (रियायतें) मिलने से उनमें असंतोष और निराशा व्याप्त है।