Amravati: बारिश ने दिया धोखा, फसलें संकट में; थिलोरी शिवार में राजस्व प्रशासन ने शुरू किए पंचनामे
अमरावती: पिछले करीब दो महीनों से बारिश नहीं होने के कारण अमरावती जिले के किसान गंभीर संकट में हैं। बारिश की कमी और बढ़ते तापमान का सीधा असर कपास, अरहर, सोयाबीन और उड़द की फसलों पर पड़ा है। कई खेतों में फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश के अभाव में खेतों की जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और मिट्टी में नमी पूरी तरह खत्म हो रही है। इसके चलते खेतों में खड़ी फसलें सूखने लगी हैं। उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका के चलते किसान आर्थिक संकट को लेकर चिंतित हैं।
नुकसान का जायजा लेने खेतों में पहुंचा प्रशासन
फसल नुकसान की जानकारी लेने के लिए प्रशासन की ओर से प्रभावित किसानों के खेतों में जाकर पंचनामा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अमरावती जिले के दर्यापुर तहसील के थिलोरी शिवार में तहसीलदार के आदेश पर राजस्व विभाग और कृषि विभाग की टीम ने फसलों के नुकसान का जायजा लिया।
इस दौरान ग्राम राजस्व अधिकारी आकांक्षा ढोके, सहायक कृषि अधिकारी शिवानी वानखड़े, ग्राम पंचायत अधिकारी प्रमोद चारथल, पुलिस पाटील आनंद वर्धे सहित संबंधित किसान मौजूद रहे। अधिकारियों ने खेतों में पहुंचकर फसलों की स्थिति और नुकसान का निरीक्षण किया।
6 अक्टूबर तक पंचनामे पूरे करने के निर्देश
प्रशासन की ओर से बताया गया कि नुकसानग्रस्त किसानों के खेतों में पंचनामे कर नुकसान की जानकारी दर्ज की जा रही है। इसके आधार पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। 6 अक्टूबर तक सभी पंचनामे पूरे करने के निर्देश मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए हैं, ऐसी जानकारी प्रशासन ने दी है।
किसानों ने मांगी ₹50 हजार प्रति हेक्टेयर सहायता
फसल बर्बाद होने की स्थिति में आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों ने सरकार से कम से कम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि बारिश के अभाव में फसलों को भारी नुकसान हुआ है, ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। अब प्रशासन की ओर से किए जा रहे पंचनामों के आधार पर सरकार क्या निर्णय लेती है और प्रभावित किसानों को वास्तविक रूप से कितनी सहायता मिलती है, इस पर किसानों की नजर बनी हुई है।
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