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Amravati: शहर से महज 5 किमी दूर बाघ-बाघिन की दस्तक, पोहरा-चिरोडी जंगल में दहशत


अमरावती: अमरावती शहर से महज करीब 5 किलोमीटर दूर पोहरा-चिरोडी जंगल में बाघ और बाघिन की मौजूदगी सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में चिंता का माहौल है। वन विभाग की गश्त के दौरान नर बाघ के साथ मादा बाघ के भी पगमार्क मिले हैं। इससे इस क्षेत्र में दो बाघों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है। वन विभाग के निरीक्षण के अनुसार पिछले करीब तीन वर्षों से इस जंगल में एक नर बाघ की आवाजाही देखी जा रही है। अब मादा बाघ के पगमार्क मिलने से वन विभाग की निगरानी और चुनौती बढ़ गई है।

बढ़ती मानवीय बस्ती से बढ़ी चिंता
पोहरा-चिरोडी का जंगल छत्री तालाब, महादेव खोरी, वडाली और विश्वविद्यालय परिसर के आसपास तक फैला हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में इन इलाकों में तेजी से मानवीय बस्ती बढ़ी है। ऐसे में जंगल और रिहायशी क्षेत्रों के बीच दूरी कम होने से स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोगों में डर का माहौल है।

सुरक्षा बाड़ नहीं होने से उठे सवाल
जंगल की सीमा से सटे कई हिस्सों में अभी तक सुरक्षा बाड़ नहीं होने की बात सामने आई है। इससे नागरिकों की चिंता और बढ़ गई है। इससे पहले तेंदुए जैसे वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि यदि बाघ रिहायशी क्षेत्र में पहुंचता है और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, लगाए कैमरे
बाघों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने कुछ स्थानों पर कैमरे लगाए हैं और गश्त बढ़ा दी है। नर और मादा बाघ के पगमार्क के आधार पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अब पोहरा, चिरोडी, महादेव खोरी, वडाली, छत्री तालाब और विश्वविद्यालय परिसर के नागरिकों की नजर इस बात पर है कि वन विभाग सुरक्षा बाड़, नियमित गश्त और अन्य एहतियाती उपायों को लेकर आगे क्या कदम उठाता है।