logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Amravati

Amravati: अपर वर्धा बांध केवल 48.51% भरा, बारिश की कमी के कारण जल संग्रह में कोई वृद्धि नहीं


अमरावती: जिले के मोर्शी से मात्र 8 किमी दूर स्थित अपर वर्धा बांध में अबतक केवल 48.51% जल संग्रह  है। जलाशय का जलस्तर 338.68 मीटर पर है, जबकि निर्धारित जलस्तर 242.50 मीटर है। इस बार  मोर्शी तहसील , मध्य प्रदेश और बांध क्षेत्र में बारिश  की कमी के कारण बांध में पर्याप्त जल संग्रह नहीं हो पाया।

अपर वर्धा बांध से मोर्शी, वरुड, अमरावती, हिवरखेड़, लोनी, राजुरा के साथ-साथ इंडियाबुल्स और एमआईडीसी परियोजनाओं को पानी की आपूर्ति की जाती है। हालांकि, आधा जुलाई महीना बीतने के बावजूद ये बांध पानी का इंतज़ार कर रहा है। पिछले साल इसी अवधि में बांध में जलस्तर बढ़ने से बांध के गेट खोले गए थे और रंग-बिरंगी रोशनी देखकर पर्यटक उत्साहित थे।

हालांकि, इस बार बारिश की कमी के कारण जलस्तर में कमी आई है। 18 जुलाई तक सिर्फ़ 209 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसलिए न तो गेट खुले और न ही पर्यटक इसे देखने पहुँच रहे है।   नागरिकों को अब अगले हफ़्ते तेज़ बारिश की उम्मीद है, ताकि बांध पूरी क्षमता तक भर सके और पानी की आपूर्ति सुचारू हो सके।