logo_banner
Breaking
  • ⁕ Yavatmal: ACB की बड़ी करवाई, रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में दो धारदार तलवारें लेकर दहशत फैलाने वाले शख्स को पुलिस ने दबोचा ⁕
  • ⁕ Gondia: उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के अस्थि कलश का गोंदिया में भावुक दर्शन, कोरणी घाट पर होगा अस्थि विसर्जन ⁕
  • ⁕ Bhandara:कांग्रेस को झटका, ओबीसी जिलाध्यक्ष शंकर राऊत ने भाजपा में किया प्रवेश ⁕
  • ⁕ Bhandara: किसानों का पटाखा फोड़ आंदोलन, धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग ⁕
  • ⁕ नई दिल्ली में दिवंगत अजित पवार की श्रद्धांजली सभा, सांसद प्रफुल्ल पटेल ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ में जल्दबाजी को लेकर दिया जवाब ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Amravati

Amravati: जिले के 2265 गांवों में से 16 गांवों की पशु गणना पूरी, डिजिटल रूप से डेटा किया जा रहा एकत्रित


अमरावती: जिले में 25 नवंबर से शुरू हुई पशु गणना की प्रक्रिया में अब तक 247 शहरी वार्डों और कुल 18 गांवों के कुल 2265 क्षेत्रों में से 16 गांवों में मवेशियों की गणना की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. फिलहाल 212 गांवों में जनगणना का काम चल रहा है. 

पशुपालन सहायक आयुक्त डॉ. शिवेंद्र महल्ले के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में 180 प्रगणक और 48 निरीक्षक तथा शहरी क्षेत्रों में 55 प्रगणक और 16 निरीक्षक प्रत्येक पशु के आंकड़े एकत्र कर रहे हैं. जिले में डिजिटल रूप में यह पशु गणना 28 फरवरी तक पूरी की जानी है। यह जानकारी जिला पशुधन विकास अधिकारी डॉ. आनंद भारतीय ने दी। 

गिनती के लिए एक विशेष ऐप विकसित किया गया है. इसके जरिए गणनाकार घर-घर जाकर गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सुअर जैसी 16 प्रजातियों के जानवरों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं. यह ऐप जीपीएस सिस्टम से जुड़ा है. इससे डेटा को नेटवर्क ज़ोन में जाकर सेंट्रल सर्वर से कनेक्ट किया जा सकता है, भले ही नेटवर्क न हो। इस ऐप के जरिए जानवरों की जानकारी और उनके मालिक की पहचान भी पता चल जाती है।