logo_banner
Breaking
  • ⁕ पुरानी रंजिश में हुआ खूनी झड़प, यशोदरा नगर में दो ट्रांसपोर्टरों पर जानलेवा हमला; CCTV फुटेज आया सामने ⁕
  • ⁕ Nagpur: बाइक के अगले हिस्से से निकला जहरीला कोबरा, दो युवकों ने समय रहते बाइक रोककर टाला बड़ा हादसा ⁕
  • ⁕ नागपुर मनपा में महिला राज; नीता ठाकरे महापौर, लिला हाथीबेड उपमहापौर निर्वाचित; लगे जय श्री राम और जय संविधान के नारे ⁕
  • ⁕ Nagpur: सेंट्रल जेल से दो कैदी फरार, पुलिस कर्मी पर किया जानलेवा हमला, दोनों हुए गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर महानगरपालिका महापौर, उपमहापौर चुनाव: कांग्रेस और बीजेपी में अंदरूनी कलह आई नजर, कई नामांकन पत्र दाखिल ⁕
  • ⁕ Gadchiroli: माओवादी विरोधी अभियान में तीन माओवादी ढेर, एक जवान वीरगति को प्राप्त ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Amravati

शिवसेना मामले पर बच्चू कडू ने दी प्रतिक्रिया, कहा- सीएम शिंदे की पूरी तैयारी, पक्ष में आएगा फैसला


अमरावती: मंगलवार से सुप्रीम कोर्ट शिवसेना का अधिकार किसका इसको लेकर सुनवाई करने वाला है। इसको लेकर शिवसेना के दोनों धड़े अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इसी को लेकर प्रहार प्रमुख बच्चू कडु ने बड़ी बात कही है। सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कडु ने कहा कि, “मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूरी तैयारी की हुई है। अगर कानून के दायरे में बैठना सुविधाजनक होगा तो कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में होगा।”

बच्चू कडू ने कहा, "जिसके पास वोट है वह चुनाव चिह्न से अधिक महत्वपूर्ण है। मैंने पांच अलग-अलग सिंबल पर चुनाव लड़ा था। मुझे पतंग, हवाई जहाज, नारियल और प्याले जैसे अलग-अलग प्रतीक मिले। लेकिन अंत में वह व्यक्ति ही है जो मायने रखता है। किसी के मार्क्स आने से कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन लोग सोचते हैं कि हमें इन संकेतों को पूरा करना चाहिए।"

कडु ने आगे कहा, "एकनाथ शिंदे ने मजबूत तैयारी की है। उनके पास पूरे दस्तावेज हैं। अदालतें भावनाओं पर फैसला नहीं करतीं। ये फैसले कागज पर लिए जाते हैं। क्योंकि हम कागज को महत्व देते हैं। अगर मैं कल कोर्ट जाकर लड़ूंगा तो फैसला मेरे पक्ष में नहीं होगा। आपके पास क्या कागजात हैं? क्या वे कानून के दायरे में फिट बैठते हैं? यह कोर्ट देखता है। यदि दस्तावेज़ कानून के दायरे में फिट होने के लिए तैयार किए जाते हैं, तो निर्णय निश्चित रूप से उनके पक्ष में होगा।"