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Reservation: बच्चू कडू का छगन भुजबल पर तंज, बताया दुनिया का आठवां अजूबा


अमरावती: आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जारंगे पाटिल और छगन भुजबल आमने सामने हैं। दोनों नेता एक दूसरे पर आरक्षण को लेकर हमलावर है। इसी बीच भुजबल ने कुनबी प्रमाणपत्र को लेकर बनाई जस्टिस्ट शिंदे समिति को रद्द करने की मांग की है। भुजबल के इस मांग पर लगातर उनकी आलोचना हो रही है। इसी बीच प्रहार प्रमुख बच्चू कडू ने भुजबल पर तंज कस्ते हुए उन्हें दुनिया का आठवां अजूबा बताया है। 

विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार के साथ हुई मुलाकातों को लेकर बोलते हुए कडू ने कहा, "अगर आप (छगन भुजबल) कैबिनेट में रहते हुए इस तरह के आरोप लगाएंगे तो लोग आपके बारे में भ्रमित हो जाएंगे। भुजबल की बैठक में विधानसभा में विपक्ष के नेता (विजय वडेट्टीवार) शामिल होते हैं और साथ ही भुजबल मंत्री भी बने रहते हैं। यह दुनिया का आठवां अजूबा है।”

बच्चू कडू ने कहा, अगर छगन भुजबल सच में ओबीसी का भला करना चाहते हैं तो हम उनके साथ हैं. लेकिन मराठों को अलग करने से कोई फायदा नहीं होगा. मराठों को ओबीसी में शामिल करना ही होगा.मूल रूप से आरक्षण का मुद्दा अब ख़त्म हो चुका है। यह मराठवाड़ा के आठ जिलों का मामला है. प्रत्येक जिले में मराठा परिवारों की संख्या चार लाख है।"

उन्होंने आगे कहा, "आठ जिलों को चार लाख से गुणा करने पर 32 लाख मराठा परिवार होते हैं। इनमें से आधे को हटा दिया जाए तो 16 लाख बचेंगे। प्रति परिवार चार व्यक्तियों के साथ, 64 लाख मराठा होंगे। इनमें से 36 लाख लोगों को प्रमाणपत्र मिल चुका है। शेष 25 से 30 लाख लोग विषय बने हुए हैं। आपने (छगन भुजबल) बैठकें करते हुए मराठा परिवारों को कुनबी प्रमाणपत्र दिया है और यह कानूनी है। इसे कोई नहीं रोक सकता। ये मैं जानबूझकर कह रहा हूं।"