logo_banner
Breaking
  • ⁕ Yavatmal: ACB की बड़ी करवाई, रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में दो धारदार तलवारें लेकर दहशत फैलाने वाले शख्स को पुलिस ने दबोचा ⁕
  • ⁕ Gondia: उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के अस्थि कलश का गोंदिया में भावुक दर्शन, कोरणी घाट पर होगा अस्थि विसर्जन ⁕
  • ⁕ Bhandara:कांग्रेस को झटका, ओबीसी जिलाध्यक्ष शंकर राऊत ने भाजपा में किया प्रवेश ⁕
  • ⁕ Bhandara: किसानों का पटाखा फोड़ आंदोलन, धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग ⁕
  • ⁕ नई दिल्ली में दिवंगत अजित पवार की श्रद्धांजली सभा, सांसद प्रफुल्ल पटेल ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ में जल्दबाजी को लेकर दिया जवाब ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Amravati

फसल बीमा कंपनियों ने किसानों का उड़ाया मजाक, 10 हजार किसानों को सिर्फ 8 लाख रुपये मंजूर, मिलेंगे सिर्फ 78 रुपये


अमरावती: सरकार की ओर से एक रुपये में फसल बीमा किया गया। लेकिन उसके बाद जब मुआवजा देने का समय आया तो फसल बीमा कंपनी और सरकार ने किसानों का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया. खबर है कि अमरावती जिले के किसानों के खाते में 78-78 रुपये जमा किये जायेंगे. किसानों को अग्रिम राशि के रूप में मात्र 78 रुपये मिलेंगे. 10 हजार किसानों को मात्र 8 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं.

अमरावती जिले की कुछ तहसीलों में बारिश की कमी और कुछ में अत्यधिक बारिश के कारण फसलें खराब हो गयी हैं. इन फसलों का मुआवजा पाने के लिए फसल बीमा कंपनी के पास शिकायतें आने लगीं। कंपनी के पास 82,005 सूचनाएं दर्ज की गईं। कंपनी ने 61,640 आवेदनों की जांच की. इसके अलावा 3947 आवेदन विभिन्न कारणों से अस्वीकृत कर दिये गये हैं. लेकिन, सिर्फ 10 हजार किसानों को ही आठ लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं.

इस साल बारिश की कमी के कारण बुआई में एक महीने की देरी हुई और जुलाई महीने में 44 राजस्व हलकों में भारी बारिश हुई. नतीजतन जिला प्रशासन की रिपोर्ट है कि कम से कम 80 हजार हेक्टेयर में लगी फसल को 33 फीसदी नुकसान हुआ है. इसलिए, योजना में भाग लेने वाले किसानों ने निर्धारित अवधि के भीतर कृषि विभाग, संबंधित बैंकों, ऐप और फसल, बीमा कंपनियों को अग्रिम सूचना दी है। हालांकि किसानों का आरोप है कि फसल बीमा कंपनियों ने किसानों को गुमराह किया है.

राज्य में और खासकर विदर्भ में किसान बंजरता और कर्ज से परेशान हैं. हाल ही में, ऐन दिवाली के अवसर पर, जब धामनगांव रेलवे में तीन किसानों ने आत्महत्या कर ली, तो बीमा कंपनी किसानों को केवल 78 रुपये की अग्रिम राशि दे रही है। इससे हरकत से किसानो में रोष है. जिले में संतरा, मोसंबी, कपास, अरहर की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और बीमा कंपनी व सरकार उचित तरह काम नहीं कर रही है. किसानों का आरोप है कि सरकार और बीमा कंपनी जानबूझकर किसानों को परेशान कर रही है.