logo_banner
Breaking
  • ⁕ केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, मुख्यमंत्री फडणवीस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुए सहभागी ⁕
  • ⁕ गढ़चिरोली में 11 बड़े माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, माओवादिओं पर 68 लाख रुपये के थे इनाम ⁕
  • ⁕ Buldhana: कई हिस्सों में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं के साथ कई जगह गिरे ओले, आम, केला, अंगूर के बागों को नुकसान ⁕
  • ⁕ Gadchiroli: अतिदुर्गम बंगाडी में केवल 24 घंटे में स्थापित किया गया नया पुलिस सहायता केंद्र ⁕
  • ⁕ सोलर ग्रुप ने पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट का किया पहला सफल परीक्षण, 45 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले 24 रॉकेटों का परीक्षण ⁕
  • ⁕ Nagpur: एमआईडीसी में पिस्टल की नोक पर बार में लूट, कुख्यात अजीत सातपुते गैंग सहित 6 गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ मराठी भाषा नहीं पढ़ना स्कूलों को पड़ेगा भारी, ऐसे स्कूलों की मान्यता होगी रद्द; मंत्री दादा भूसे का ऐलान ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Amravati

जिला मध्यवर्ती बैंक फसल ऋण वितरण में अव्वल, निजी और राष्ट्रीयकृत बैंक 60 फीसदी पर रुके


अमरावती: खरीफ फसल ऋण आवंटन के लिए अंतिम दो माह शेष हैं. उधर, जिले में बुआई पूरी होने के बाद भी निजी व राष्ट्रीयकृत बैंकों ने 60 फीसदी से अधिक ऋण नहीं बांटा है. जिला मध्यवर्ती बैंक लोन बांटने में अव्वल है और इस बैंक ने अब तक 97 फीसदी लोन बांटा है. जिले में 31 जुलाई तक 20 बैंकों ने 92 हजार 818 किसानों को 1119 करोड़ 66 लाख रुपये का फसली ऋण वितरित किया है.

इस वर्ष बैंकों को 2 लाख 2 हजार 340 किसानों को फसली ऋण वितरण के लिए 1600 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था. एक अप्रैल से ऋण वितरण शुरू किया गया. ऋण वितरण में जिला केंद्रीय बैंक ने सबसे ज्यादा बाजी मारते हुए 50 हजार 607 किसानों को 598 करोड़ 30 लाख रुपये का ऋण वितरित किया है. इसका प्रतिशत 97 फीसदी है.

इसके बाद ग्रामीण बैंक ने 73 फीसदी लोन बांट दिया है. लेकिन हमेशा की तरह इस साल भी सरकारी और निजी बैंकों ने ऋण वितरण से हाथ खींच लिया है. 11 राष्ट्रीयकृत बैंकों ने 39 हजार 358 किसानों को 545 करोड़ 91 लाख का ऋण वितरित किया है, जो 66 प्रतिशत है. सात निजी बैंकों ने 1678 किसानों को 32 करोड़ 18 लाख का ऋण वितरित किया है. इसका प्रतिशत 25 फीसदी है. निजी और राष्ट्रीयकृत बैंकों ने चार माह में सिर्फ 60 फीसदी ऋण ही बांटा है. इसी तरह तीन निजी बैंकों ने तो ऋण वितरण भी शुरू नहीं किया है.

खरीफ की अंतिम तिथि 30 सितंबर दी गई है, लेकिन जिले में कृषि बुआई शत-प्रतिशत हो चुकी है. इसलिए अब संदेह जताया जा रहा है कि क्या ये बैंक अपने लक्ष्य हासिल कर पाएंगे? सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या राष्ट्रीयकृत और निजी बैंक किसानों का सहयोग नहीं कर रहे हैं. यह भी आरोप लग रहा है कि ऐसे बैंकों पर प्रशासन को कार्रवाई की जरूरत है.