logo_banner
Breaking
  • ⁕ Yavatmal: ACB की बड़ी करवाई, रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में दो धारदार तलवारें लेकर दहशत फैलाने वाले शख्स को पुलिस ने दबोचा ⁕
  • ⁕ Gondia: उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के अस्थि कलश का गोंदिया में भावुक दर्शन, कोरणी घाट पर होगा अस्थि विसर्जन ⁕
  • ⁕ Bhandara:कांग्रेस को झटका, ओबीसी जिलाध्यक्ष शंकर राऊत ने भाजपा में किया प्रवेश ⁕
  • ⁕ Bhandara: किसानों का पटाखा फोड़ आंदोलन, धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग ⁕
  • ⁕ नई दिल्ली में दिवंगत अजित पवार की श्रद्धांजली सभा, सांसद प्रफुल्ल पटेल ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ में जल्दबाजी को लेकर दिया जवाब ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Amravati

Amravati: स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई से धूल में मिला 100 बेड का प्री-फैब अस्पताल, बना स्क्रैप सामग्री रखने का गोदाम, एक बेड पर दो-दो मरीज!


अमरावती: अमरावती जिला सामान्य अस्पताल में केवल अमरावती के ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों और मध्य प्रदेश से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। 400 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में अक्सर 500-600 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए भर्ती होते हैं। लेकिन प्रशासन की दुर्लक्षता से मरीजों यहां इलाज की जगह और अधिक दिक्कत उठानी पड़ रही है। 

अस्पताल में एक ही बिस्तर पर दो लोगों को और कभी-कभी फर्श पर सुलाकर इलाज किया जाता है। कोरोना काल में बेड की कमी न हो इसके लिए सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के पीछे 100 बेड का प्री-फैब हॉस्पिटल बनाया गया था। लेकिन यहां स्टाफ की कमी के कारण यह प्री-फैब अस्पताल अब कूड़ाघर बन गया है। आसपास बड़ी संख्या में पेड़ और झाड़ियाँ उग आई हैं।

सीएसआर फंड से तीन करोड़ रुपये खर्च कर अस्पताल बनाया गया था। हालांकि, जिला सर्जन ने स्वीकार किया कि सरकार से कई बार बात करने के बाद भी कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने के कारण अस्पताल जर्जर हो गया है। लिहाजा, करोड़ों रुपये की लागत से बना अस्पताल अब केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है।