logo_banner
Breaking
  • ⁕ नेपाल बाढ़ में फंसे नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी शुरू, पटना से नागपुर के लिए हुए रवाना हुए 102 श्रद्धालु; मुख्यमंत्री फडणवीस और प्रशासन का जताया आभार ⁕
  • ⁕ Chandrapur: डीजे पर पुलिस का शिकंजा; गणेशोत्सव से पहले साउंड सिस्टम का होगा प्रत्यक्ष ‘डेमो, नियम तोड़ने संचालकों पर दर्ज होगा मामला ⁕
  • ⁕ ईद-ए-मिलाद से पहले नागपुर पुलिस अलर्ट मोड पर, परिमंडल-4 में दंगा काबू के लिए की गई रिहर्सल और रूट मार्च ⁕
  • ⁕ Amravati: शहर के 90 अस्पतालों को नवीनीकरण के निर्देश, नगर पालिका के बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Buldhana: बुलढाणा जिला बैंक में 'सहकार' पैनल की जीत, 21 में से 19 सीटें जीती ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Amravati

Amravati: जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग ऑडिट में 25 बिंदुओं पर आपत्ति, खुलासा प्रस्तुत करने का आदेश


अमरावती: अमरावती जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में दवाओं और सब्सिडी के खर्च में ऑडिट अधिकारियों ने अनियमितता की सूचना दी है. महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति लेखा संहिता 1968 के नियम 209 के अनुसार, रजिस्टर में कोई मिलान नहीं है। ऐसे विभिन्न 25 बिंदुओं पर ऑडिट में आपत्तियां दर्ज की गई हैं। ऐसे में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग चर्चा में आ गया है.

प्रत्येक वर्ष प्रत्येक विभाग का ऑडिट लेखा विभाग द्वारा किया जाता है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2021-2022 में लेखापरीक्षा में जिला परिषद स्वास्थ्य विभाग द्वारा औषधीय सामग्री की आपूर्ति करने, निविदा प्रक्रिया को सही तरीके से लागू नहीं करने, खरीदी गई दवाओं की गुणवत्ता निरीक्षण रिपोर्ट नहीं होने की बात सामने आई है.

दवा खरीदते समय 80 प्रतिशत राशि आपूर्ति के बाद तथा 20 प्रतिशत राशि निरीक्षण के बाद भुगतान करना होता है, सौ प्रतिशत राशि का एकमुश्त भुगतान करना,  कोविड में खरीदी गई दवाओं को खरीदते समय नियमों का पालन न करना, साहित्य की खरीद, वाहन का पंजीकरण न कराना, कोई वाहन लाइसेंस नहीं, ऐसे विभिन्न निधियों की तकनीकी स्वीकृति, नियम एवं शर्तों का उल्लंघन, निर्देशित अपीलों की उपेक्षा, लागत और टेंडर प्रक्रिया में विसंगति।

ऑडिटर ने स्वास्थ्य विभाग की ऑडिट रिपोर्ट में पंचायत स्तर पर सप्लायरों को बिल का भुगतान नहीं होने जैसे कई मुद्दों पर ध्यान आकृष्ट कराया है। चूंकि 25 बिंदुओं पर आपत्तियां हैं, इसलिए लागत करोड़ों में है। स्वास्थ्य विभाग पर पहले से ही कई तरह के आरोप लगते रहे हैं।

इसी तरह अब इस ऑडिट में आपत्तियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग फिर से मुश्किल में है। इसलिए संभावना है कि मौजूदा अधिकारियों पर ही यह जिम्मेदारी तय की जायेगी।