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भाषा मरती है तो देश भी मरता है; अंग्रेजी में बजट पढ़ने पर कडु ने जताई नाराजगी, कहा- यह राष्ट्रभाषा का अपमान


अमरावती: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय बजट 2023-24 पेश किया। बजट पेश होने के बाद तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां विपक्ष इसकी आलोचना कर रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे मध्यमवर्गीय बजट बता रहा है। इसी बीच अचलपुर विधायक विधायक बच्चू कडू ने बजट को अंग्रेजी में पेश किए जाने पर बच्चू कडू ने कड़ी नाराजगी जताई है। कडु ने राष्ट्रभाषा का अपमान बताते हुए कहा कि, "एक भाषा मरती है और उसके साथ देश भी मरता है।" 

मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक बच्चू कडू ने कहा, बजट भाषण लोगों के लिए आईना होता है,  बजट भाषण की कई कहानियां हैं कि भाषण बड़ा होता है लेकिन अमल में क्या आता है यह बहुत महत्वपूर्ण होता है। तो इसमें कुछ संतुष्टि है। मैं कहता हूं कि बजट बहुत अच्छा है, लेकिन सूखे से पीड़ित किसान का हिस्सा छोड़ दिया गया है। बेघरों के आवास का एक हिस्सा नहीं है। मजदूरों का हिस्सा छूट गया है। स्वास्थ्य व्यवस्था को और सक्षम बनाने के लिए ज्यादा प्रावधान नहीं है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखूंगा पत्र

कडु ने कहा, "सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि बजट अंग्रेजी में पेश किया गया है। कुसुमाग्रज कहते थे कि एक भाषा मरती है और उसके साथ देश भी मरता है। इस देश की राष्ट्रभाषा हिंदी है और लोहिया कहा करते थे कि सदन में उसी भाषा में बोलो जिसने तुम्हें चुना है। ताकि आम आदमी इसे समझ सके। इसलिए हम प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखने जा रहे हैं कि अगले साल का बजट हिंदी से आए। क्योंकि, हम इस देश की संस्कृति के पैरोकार हैं।"

अंग्रेजी में बजट पेश कर राष्ट्रभाषा का अपमान

प्रहार प्रमुख ने कहा, “भाजपा का नाम सुनते ही लोगो के मन में आता है की ये संस्कृति के साथ चलने वाली पार्टी है। इस देश की भाषा अंग्रेजी नहीं है। कल हिंदी में पेश होगा राज्य का बजट? राज्य का क्या होगा? तो इस देश की संसद में जो भी शब्द निकले उसे आम आदमी को समझना चाहिए। अंग्रेजी में बजट पेश कर राष्ट्रभाषा का अपमान किया गया है। हमें इस अपमान को सुधारना चाहिए, अगली बार यदि आप हिंदी नहीं बोल सकते हैं तो वह बजट किसी और से पेश करें। अन्यथा क्षमा के साथ अंग्रेजी बोलें। क्योंकि हम देशभक्त लोग हैं। इस अवसर पर मेरा यह भी निवेदन है कि लोकसभा में एक संशोधन होना चाहिए कि देश पहले वंदे मातरम् कहे।”