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शिंदे-फडणवीस सरकार के सर्वे पार बोले नेता प्रतिपक्ष अजित पवार, कहा- इनमें नहीं रहता कोई दम


अमरावती: पिछले दिनों राज्य की शिंदे-फडणवीस सरकार (Shinde-Fadnavis Government) को लेकर एक सर्वे सामने आया था, जिसमें अगर अभी चुनाव होते हैं तो सरकार बड़े मार्जिन के साथ दोबारा सत्ता में लौटेगी। वहीं इस सर्वे पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार (Ajit Pawar) ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, "इन सर्वो में कोई दम नहीं होता है। यह केवल लक्ष्य से विचलित करने का काम करते हैं।" पवार एक दिन के अमरावती दौरे पर पहुंचे थे, जहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही। 

राज्य में हुए विज्ञापन विवाद पर पवार ने कहा, "जो विज्ञापन दिया गया उसमें देवेंद्र फडणवीस, आनंद दिघे की फोटो नहीं थी। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को कम आंकने की कोशिश की। कुछ विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की तस्वीरें थीं। इस संबंध में, उन्होंने अपने काम का पक्ष लेने की कोशिश की। इससे भाजपा के कई लोगों को अच्छा नहीं लगा। इससे वे चिंतित थे। इसलिए अगले दिन विज्ञापन में संशोधन किया गया। इनमें मंत्रियों की फोटो लगाई जाती है, इसलिए यह नौटंकी चल रही है। शिंदे फडणवीस सरकार को ऐसा कुछ करने के बजाय लोगों के सामने मौजूद महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाना चाहिए।"

राज्य सरकार पर बोलते हुए पवार ने कहा, "जब यह सरकार सत्ता में आई तो 75,000 उम्मीदवारों को सरकारी कर्मचारी के रूप में भर्ती करने की बात कही गई थी, लेकिन अब उनके बगावत को एक साल हो गया है. एक साल में कितने लोगों को रोजगार दिया, महंगाई को कितना कम किया? कितने किसानों को न्याय और आधार मूल्य मिला, कितने किसानों की समस्या का समाधान हुआ? हमें इसके बारे में बात करने की जरूरत है।"

एकजुटता के लिए कर रहे लगातार प्रयास

लोकसभा चुनाव को लेकर एकजुट को लेकर पवार ने अपनी बात कही। उन्होंने कहा, “तीनों दल अपने-अपने तरीके से प्रयास कर रहे हैं कि महाविकास अघाड़ी एकजुट रहे।आखिर में जब अहम फैसले लिए जा रहे हैं, जब मैं विपक्ष का नेता बना, अभी-अभी सरकार आने के बाद हमें यह पद मिला है। उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष और शिवसेना को भी मिला विपक्ष का नेता। अब क्या है संख्या? संख्या पर अब वरिष्ठ नेता तय करेंगे।”