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Amravati: जिले के 87 गांवों में पशुधन ज़ीरो, 1557 गांव 10.19 लाख पशुधन से आबाद


अमरावती: अमरावती जिले के 87 गावों में पशुधन शून्य है. जिला पशुधन विभाग में दर्ज कुल पशुओं संख्या से यह तथ्य उजागर हुआ. जारी की गई 20वीं पशुगणना की रिपोर्ट अनुसार, जिले के 1644 में से 1557 गांवों 10.19 लाख पशुधन उप्लब्ध है. वहीं, 87 गांव ऐसे हैं जहां सरकारी रेकॉर्ड में एक भी पालतू जानवर दर्ज नहीं होने की जानकारी जिला पशुसंवर्धन सहाय्यक आयुक्त डॉ. शिवेंद्र महल्ले ने दी. 

पशुपालन कृषि की वह शाखा है जिसमें मांस, रेशे, दूध या अन्य उत्पादों के लिए पशुओं को पाला जाता है. पशुपालन का इतिहास बहुत पुराना है. इसमें पालतू पशुओं की दैनिक देखभाल, प्रबंधन, उत्पादन, पोषण, चयनात्मक प्रजनन और पशुधन पालन शामिल हैं. 

इस श्रृंखला में जिले में गाय, भैंस, बकरी, भेड़ पालन किया जाता है. जिले में सभी वर्गीय पशुओं का टीकाकरण शतप्रतिशत और समयपर पूर्ण करने को प्राधान्य दिया जाता है. जिसके चलते आज जिले में किसी भी पशु को किसी भी प्रकार के रोग की लागन नहीं हुई हैं. यह बड़ी उपलब्धी भी है कि आज की स्थिती जिले में पशुधन सुरक्षित तथा रोग मुक्त हैं. 

अमरावती में 21वीं पंच वार्षिक पशुगणना की शुरुआत आगामी 20 दिनों में की जाएगी. जिसके तहत जिले के सभी गावों में सभी प्रकार के पालतू पशुओं की गणना की होगी.  इसी महीने के अंतिम सप्ताह से गणना का कार्य शुरू हो जाएगा. यह पशु गणना पहली बार ऑनलाइन होगी.