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फसली ऋण वितरण में निजी बैंकों की लापरवाही, सवा लाख किसान अब भी ऋण से वंचित


अमरावती: जिले में खरीफ सीजन में 2 हजार हेक्टेयर में बुआई हो चुकी है, फिर भी 45 प्रतिशत यानी 1 लाख 24 हजार 695 किसान फसल ऋण से वंचित हैं। निजी बैंक फसल ऋण देने में आनाकानी कर रहे हैं, इसलिए किसान हताश हो गए हैं।

जिले में कुल 2 लाख 77 हजार 100 किसान ऋण ले सकते हैं। इनमें से अब तक मात्र 1 लाख 52 हजार 405 किसानों को ही फसल ऋण मिल सका है। इसमें 11 राष्ट्रीयकृत बैंकों ने 37 प्रतिशत, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक ने 90 प्रतिशत, ग्रामीण बैंकों ने 61 प्रतिशत, जबकि 8 निजी बैंकों ने कुल औसत 55 प्रतिशत के साथ सबसे कम 6 प्रतिशत फसल ऋण आवंटित किया है।

आदेश के बाद भी ढिलाई 

खरीफ सीजन में किसानों को फसली ऋण देने में राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों की अनिच्छा एक बार फिर सामने आई है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी इन बैंकों ने फसली ऋण वितरण में तेजी नहीं गई है और अब ऋण का इंतजार कर रहे किसानों के सामने मुश्किलें बढ़ गई हैं। फसली ऋण बांटने वाले निजी बैंक अपनी उदासीनता के चलते अबतक मात्र 6 प्रतिशत ऋण ही बांट पाए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन बैंकों ने ऋण आवंटन के बारे में जानकारी देने से भी परहेज किया है।