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Amravati

Amravati: अब बिना ईयर टैगिंग के नहीं होगी पशुओं की खरीद-फरोख्त


अमरावती: मवेशियों को बचाने और उनकी तस्करी व वध को रोकने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र की तर्ज पर कदम उठाए हैं। सरकार ने अब 1 जून, 2024 तक सभी जानवरों को ईयरटैग करना और उन्हें भारत पशुधन प्रणाली के साथ पंजीकृत करना अनिवार्य कर दिया है। इसके अनुसार अमरावती जिले में अब तक 5 लाख 94 हजार पशुओं की ईयर टैगिंग की जा चुकी है।

बिना ईयर टैग वाले पशुओं की अब बाजार समिति में खरीद-बिक्री नहीं की जा सकेगी। साथ ही प्राकृतिक आपदा, आकाशीय बिजली गिरने और जंगली जानवरों के हमले से पशुधन की मौत होने पर सरकार की ओर से कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।

टैगिंग से सभी पशुओं का डाटा बेस तैयार हो जाएगा। इससे पशु तस्करी और अवैध वध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही ईयर टैगिंग होने से पशुओं में फैलने वाली महामारी बीमारी की भी जानकारी मिल सकेगी।

भारत पशुधन पशुपालन विभाग द्वारा राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के तहत शुरू की गई एक प्रणाली है। इस प्रणाली में पशुधन की ईयर टैगिंग की जाती है और उस पशु के लिए 12 अंकों का बारकोड तैयार किया जाता है। यह जानवर के जन्म और मृत्यु से लेकर निवारक टीकाकरण, दवा, बांझपन उपचार और स्वामित्व अधिकारों तक सभी जानकारी तक पहुंच प्रदान करता है। इसलिए पशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से अपने पशुओं को ईयर टैग लगाने की अपील की है।